राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) से जुड़े जिहादी साजिश मामले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने बुधवार, 28 जनवरी 2026, को केरल में 9 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस ऑपरेशन का मकसद PFI के उस नेटवर्क को ध्वस्त करना था, जो देश में हिंसक जिहाद फैलाने की साजिश रच रहा था।
छापेमारी के दौरान NIA को कई आपत्तिजनक सामग्री, अहम दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस हाथ लगे हैं। जांच एजेंसी के मुताबिक, ये सबूत PFI की गैरकानूनी गतिविधियों और उसके भविष्य के खतरनाक इरादों की पुष्टि करते हैं। यह मामला सितंबर 2022 में दर्ज किया गया था, जिसमें खुलासा हुआ था कि PFI भारत को 2047 तक एक इस्लामिक राष्ट्र बनाने की योजना पर काम कर रहा था।
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युवाओं को बहकाकर कट्टरपंथ की ट्रेनिंग
NIA की जांच में यह बात सामने आई है कि PFI के नेता और सदस्य समाज के कमजोर और आसानी से बहकाए जा सकने वाले युवाओं को निशाना बना रहे थे। इन युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ा जा रहा था और उन्हें सांप्रदायिक नफरत फैलाने के लिए उकसाया जाता था।
एजेंसी ने बताया कि संगठन इन युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहा था। यह ट्रेनिंग फिजिकल एजुकेशन और योगा क्लास जैसे कार्यक्रमों की आड़ में दी जाती थी, ताकि किसी को शक न हो।
फंडिंग नेटवर्क और ‘हिट टीम्स’ का खुलासा
जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि PFI आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक बड़ा फंडिंग नेटवर्क चला रहा था। संगठन के सदस्य अलग-अलग स्रोतों से पैसे इकट्ठा कर उसे हिंसा फैलाने और आतंकी वारदातों की तैयारी में इस्तेमाल कर रहे थे।
अपने मकसद को पूरा करने के लिए PFI ने कई अलग-अलग विंग भी बना रखी थीं। इनमें रिपोर्टर्स विंग, फिजिकल एंड आर्म्स ट्रेनिंग विंग और ‘सर्विस टीम्स’ या ‘हिट टीम्स’ प्रमुख थीं। NIA के अनुसार, इन ‘हिट टीम्स’ को खास तौर पर टारगेट किलिंग के लिए तैयार किया जा रहा था। एजेंसी ने साफ किया है कि इस मामले में जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।