नई दिल्ली: देश के चार महत्वपूर्ण राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनावी बिगुल बज गया है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इस ऐलान के साथ ही इन सभी चुनावी राज्यों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सभी राज्यों में मतगणना 4 मई को एक साथ होगी।
बता दें कि चुनाव आयोग ने पहले ही विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (SIR) के तहत अंतिम मतदाता सूचियां प्रकाशित कर दी हैं, जिससे चुनाव प्रक्रिया के लिए मंच तैयार हो गया है।
चुनावी सरगर्मी तेज, पार्टियां मैदान में
चुनाव की तारीखों की घोषणा से पहले ही सभी राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कस ली है। चुनावी रैलियां, बैठकें और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। कांग्रेस पार्टी ने एक कदम आगे बढ़ते हुए असम के लिए अपने प्रत्याशियों की एक सूची भी जारी कर दी है, जो दर्शाता है कि पार्टियां किसी भी तरह की देरी के मूड में नहीं हैं।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चुनाव की तारीखों के ऐलान से ठीक पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए पश्चिम बंगाल को लेकर अपनी पार्टी का आत्मविश्वास जाहिर किया।
“कल कोलकाता में हुई जोश भरी रैली की खास बातें! यह साफ है कि पश्चिम बंगाल बीजेपी को सपोर्ट कर रहा है।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
प्रधानमंत्री ने यह पोस्ट पश्चिम बंगाल में हुई अपनी हालिया रैली के एक वीडियो के साथ साझा किया, जिसमें भारी भीड़ दिखाई दे रही थी। यह पोस्ट चुनावी माहौल की गंभीरता और भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों को रेखांकित करता है।
कब खत्म हो रहा है कार्यकाल?
जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव होने हैं, वहां की विधानसभाओं का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। चुनाव आयोग की यह जिम्मेदारी है कि कार्यकाल समाप्त होने से पहले नई सरकार के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी कर ली जाए।
Highlights from a euphoric rally in Kolkata yesterday! It’s clear West Bengal is supporting BJP…@BJP4Bengal pic.twitter.com/2JTv4SwzZn
— Narendra Modi (@narendramodi) March 15, 2026






