यूजीसी के नए नियम को लेकर पूरे देश में विरोध तेज होने लगा है। हाल ही में 13 जनवरी को लागू हुए इस बिल के विरोध में भाजपा के अन्दर भी खलबली मची हुई है, कई नेताओं ने इसके विरोध में इस्तीफे दे दिए हैं , इसके विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं, अब कुमार विश्वास ने कविता की पक्तियों के माध्यम से विरोध जताया है।
देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में UGC एक्ट 2026 हाल ही में लागू किया गया है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का कहना है कि जातिगत भेदभाव रोकने के उद्देश्य से इसे लागू किया गया है लेकिन देश की अगड़ी जातियों के लोग इस बिल का विरोध कर रहे हैं। बिल में जो बाते हैं उसके विरोध में सोशल मीडिया पर #UGCRolleback ट्रेंड हो रहा है।
इसलिए बिल के विरोध में फूट रहा गुस्सा
देश के युवा से लेकर शिक्षक भी इसे जातिगत भेदभाव बढ़ाने वाला बता रहे हैं इसकी वजह ये है कि इस बिल में एससी, एसटी, ओबीसी को संरक्षण देने की बात तो हो लेकिन सवर्ण यानि सामान्य जाति के विद्यार्थी के खिलाफ झूठी शिकायतों को रोकने के लिए कोई प्रावधान नहीं है, सवर्ण समाज के लोगों का कहना है कि सरकार ने हमारे बच्चों को संभावित अपराधी ही मानकर ये बिल बनाया है।
BJP नेता ने छोड़ी पार्टी, दिया पद से त्यागपत्र
देश में युवा वर्ग इस बिल के विरोध में उतर आया है, धरने प्रदर्शन, इस्तीफे शुरू हो गए हैं बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं हालाँकि सरकार ने उन्हें अब निलंबित कर दिया है, वहीं अलीगढ की इगलास विधानसभा के भाजपा संगठन के सोशल मीडिया प्रभारी कपिल पंडित ने पार्टी के पद व सदस्यता से इस्तीफा देने का एलान किया है, उनका पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
रायबरेली भाजपा नेता ने मोदी को भेजा इस्तीफा
इसके अलावा रायबरेली की सलोन विधानसभा सीट से भाजपा किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष श्याम सुंदर त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उन्होंने ये इस्तीफा सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सौंपा। अपने पत्र में त्रिपाठी ने नई यूजीसी नीतियों को “काला कानून” बताते हुए कहा कि यह कानून समाज को बांटने वाला और खतरनाक है। उन्होंने लिखा कि सामान्य वर्ग के बच्चों के खिलाफ लाए गए इस तरह के आरक्षण प्रावधान उनके आत्मसम्मान और विचारधारा के खिलाफ हैं, इसलिए वह इस बिल का समर्थन नहीं कर सकते।
कवि कुमार विश्वास ने किया विरोध
इस कड़ी में अब मशहूर कवि कुमार विश्वास का नाम भी शामिल हो गया है। उन्होंने मंगलवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर स्वर्गीय रमेश रंजन की एक कविता की चार लाइनों के माध्यम से अपने मन में चल रही भावनाओं को व्यक्त किया है। कुमार विश्वास ने लिखा- “चाहे तिल लो या ताड़ लो राजा, राई लो या पहाड़ लो राजा, मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूं मेरा रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा।”






