आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि उनके सांसद संजय सिंह को जम्मू-कश्मीर में हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। पार्टी का कहना है कि जनता की आवाज दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को परेशान किया जा रहा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर इसे बीजेपी की गुंडागर्दी बताया। वहीं जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला संजय सिंह से मिलने गेस्ट हाउस पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इस घटना ने राजनीतिक हलकों में फिर हलचल मचा दी है और विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है।
जनता की आवाज दबाई जा रही – केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर लिखा कि संजय सिंह को हाउस अरेस्ट कर दिया गया है और विपक्ष की आवाज़ दबाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की बात सुननी चाहिए, लेकिन सत्ता पक्ष डर कर विपक्ष को चुप कराना चाहता है। उन्होंने इसे खुलेआम गुंडागर्दी करार दिया। उनका आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर डराना चाहती है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। आम आदमी पार्टी इसे लोकतंत्र की जड़ पर चोट मान रही है और पूरे देश में इस मुद्दे को उठाने की तैयारी कर रही है।
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सीएम उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि संजय सिंह को नज़रबंद किया गया था, लेकिन इसके पीछे का कारण जिम्मेदार लोग ही बता सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं। एक तरफ प्रशासन यह दिखाना चाहता है कि जम्मू-कश्मीर में सब कुछ शांत है, लेकिन असलियत इससे अलग है। उन्होंने डोडा के विधायक मेहराज मलिक की गिरफ्तारी का उदाहरण देते हुए कहा कि बिना किसी उचित कारण के क़ानून-व्यवस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। यह स्थिति लोकतांत्रिक माहौल के लिए चिंता का विषय है।
गोपाल राय और मेहराज मलिक का मुद्दा
आप नेता गोपाल राय ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि फारूक अब्दुल्ला को संजय सिंह से मिलने नहीं दिया गया और जनता की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को परेशान कर लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। इस मामले में जम्मू-कश्मीर के आप विधायक मेहराज मलिक भी निशाने पर हैं। उन्हें बिना उचित कारण के पीएसए के तहत गिरफ्तार किया गया है। संजय सिंह श्रीनगर में उनके समर्थन में पहुंचे थे। आम आदमी पार्टी इस मामले को मानवाधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन मान रही है। विपक्ष सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रहा है।