नई दिल्ली। दो पीठों के शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती अयोध्या में श्री राम मंदिर निर्माण के लिए बने ट्रस्ट को लेकर नाराज हैं ।शंकराचार्य ने कहा है कि ट्रस्ट में वासुदेवानंद सरस्वती को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य के रूप में जगह दी गई है जबकि वह शंकराचार्य तो दूर ,सन्यासी भी नहीं है। शंकराचार्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने अपने 4 फैसलों में वासुदेवानंद को शंकराचार्य नहीं माना है और प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट की अवहेलना की है। इस ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य मै हूं ।शंकराचार्य की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यदि ट्रस्ट में शंकराचार्य को रखना ही था तो अध्यक्ष के रूप में उन्हें रखा जाना चाहिए था। अधिवक्ता के पाराशरण को ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाए जाने से प्रतीत होता है कि अयोध्या में जिस राम मंदिर का निर्माण होगा वह धर्मनिरपेक्ष संविधान के अनुसार बनाया जाएगा ना कि वैदिक विधान के अनुसार। ट्रस्ट में कुछ अन्य व्यक्तियों को शामिल किए जाने को भी शंकराचार्य ने गलत बताया और कहा कि ऐसे ट्रस्ट जिसमें शासकीय व्यक्ति शामिल हैं और किसी भी धर्म स्थल के निर्माण के लिए जिम्मेदार नहीं हो सकते।
श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट को लेकर शंकराचार्य हुए नाराज
Written by:Gaurav Sharma
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इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






