बंगाल की सत्ता की चाबी हाथ से निकलने के बाद अब टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी को एक ओर झटका लगा है। टीएमसी के राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। ये इस्तीफा पूरी पार्टी के लिए तगड़ा झटका है।
सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा सांसद के पद के साथ पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने ये आरोप लगाया है कि भ्रष्टाचार के बारे में खुलकर बात करने के बाद पार्टी से उन्हें अलग थलग कर दिया गया था।
सुखेंदु शेखर रॉय ने दिया इस्तीफा
सुखेंदु शेखर रॉय ने राज्यसभा चेयरमैन यानी उपराष्ट्रपति सीपीआई राधाकृष्णन के आवास पर जाकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। इंडिया गठबंधन की मीटिंग को लेकर उन्होंने कहा कि इस गठबंधन का कोई भविष्य नहीं है। अपने इस्तीफे की वजह उन्होंने पार्टी में फैले भ्रष्टाचार को बताया है।
TMC की हार पर क्या कहा
बंगाल में TMC को मिली हार पर रॉय का कहना है कि मैं सरकार से ही मांग कर रहा हूं कि पिछले 5 सालों में बंगाल के हर एक कस्बे में जो भ्रष्टाचार हुआ है, उसका फॉरेंसिक ऑडिट होना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरजी कर के मुद्दे को लेकर ऐसे कई मुद्दे थे, जिन्हें लेकर जनता के दिल में नाराजगी थी। जो गुस्सा लंबे समय से दबा हुआ था वह आरजी कर केस के बाद सामने आया।
TMC MP Sukhendu Sekhar Ray resigns from party, steps down as Rajya Sabha member. pic.twitter.com/vIGPHiZHxS
— Press Trust of India (@PTI_News) June 8, 2026
कोयल मलिक के नाम की भी थी चर्चा
कुछ दिनों से यह खबर सामने आ रही थी कि टीएमसी के दो सांसद इस्तीफा दे सकते हैं। इसमें सुखेंदु शेखर के साथ कोयल मलिक का नाम भी सामने आया था। मलिक को टीएमसी ने इसी साल राज्यसभा भेजा था। हालांकि, अब तक उनके इस्तीफे से जुड़ी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
सुखेंदु की बात करें तो उन्होंने 2011 में टीएमसी का दामन थामा था। इसके बाद वह ममता बनर्जी के काफी करीबी बन गए और हर परिस्थिति में पार्टी के साथ खड़े हुए दिखाई दिए। लेकिन जब ममता बनर्जी की सरकार सत्ता से हाथ धो बैठी तो सुखेंदु ने पार्टी का साथ छोड़ दिया। इतना ही नहीं वो बीजेपी की तारीफ करते भी दिखाई दिए। यह कयास लगाए जा रहे हैं कि अपने इस्तीफे के बाद वो बीजेपी का हाथ पकड़ सकते हैं।






