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तमिलनाडु में विजय की ताजपोशी पर मचा सियासी बवाल, शपथ ग्रहण से पहले समर्थन पत्र फर्जी होने का दावा!

Written by:Banshika Sharma
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तमिलनाडु में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले सी. जोसेफ विजय की ताजपोशी पर सस्पेंस गहरा गया है। दरअसल उनके समर्थन पत्र को लेकर सियासी बवाल मच गया है। चलिए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है?
तमिलनाडु में विजय की ताजपोशी पर मचा सियासी बवाल, शपथ ग्रहण से पहले समर्थन पत्र फर्जी होने का दावा!

अभिनेता से राजनेता बने सी. जोसेफ विजय का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेना तय था, लेकिन उससे ठीक पहले तमिलनाडु में बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया। विजय को आज शनिवार (9 मई) को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेनी थी। लेकिन उससे पहले ही एएमएमके के महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने एक समर्थन पत्र को लेकर गंभीर आरोप लगा दिए हैं। दरअसल दिनाकरन ने दावा किया कि टीवीके ने उनके विधायक कामराज का फर्जी समर्थन पत्र राज्यपाल को भेजा है। ऐसे में उन्होंने इसे सौदेबाजी और जालसाजी का मामला बताया।

वहीं दिनाकरन ने तुरंत राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मुलाकात की। उन्होंने राज्यपाल को एक पत्र सौंपा, जिसमें साफ कहा गया कि टीवीके का समर्थन पत्र जालसाजी और खरीद-फरोख्त का नतीजा है। दिनाकरन ने अपने पत्र में यह भी बताया कि एएमएमके के एकमात्र विधायक कामराज एस, एनडीए और एआईएडीएमके गठबंधन को ही समर्थन देंगे। उन्होंने एआईएडीएमके के एडप्पाडी के. पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद के लिए सही उम्मीदवार बताया। दिनाकरन ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और विधायक पलानीस्वामी को ही मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं।

दिनाकरन ने मीडिया से बात की

लोक भवन में राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिलने के बाद दिनाकरन ने मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि उन्होंने दिन में पहले ही एआईएडीएमके के महासचिव एडप्पाडी पलानीस्वामी के समर्थन में एक पत्र लिखा था। इस पत्र पर एआईएडीएमके के नवनिर्वाचित विधायक कामराज एस. ने हस्ताक्षर किए थे। दिनाकरन ने कहा, “मैं एआईएडीएमके का समर्थन कर रहा हूं। मैंने एडप्पाडी पलानीस्वामी के सरकार गठन के समर्थन में यह पत्र सौंपा है। हमारे विधायक कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर करके इसे मेरे सचिव के माध्यम से भेजा है।” उन्होंने आगे कहा कि टीवीके के पास जो पत्र है, वह शायद जाली है।

इस मामले की जांच की अपील की

दिनाकरन ने बताया कि उन्होंने अपने विधायक कामराज को फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। विधायक ने शाम करीब 6:30 बजे उनके पत्र पर हस्ताक्षर करके भेजा था। दिनाकरन ने कहा, “जब मैंने टीवी पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया। ऐसे में मैंने राज्यपाल से मिलने का समय लिया और उन्हें अपना असली पत्र सौंपकर इस मामले की जांच की अपील की है।” उन्होंने इस पूरी घटना को लोकतंत्र का मज़ाक बताया।

दरअसल एएमएमके के महासचिव ने एनडीए और एआईएडीएमके के प्रति अपने और अपनी पार्टी के अटूट समर्थन को दोहराया। उन्होंने पलानीस्वामी को ही मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताया। दिनाकरन ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “यह विधायकों की खरीद-फरोख्त या जालसाजी का मामला है। यह लोकतंत्र का मज़ाक है। हम सभी एनडीए गठबंधन में हैं और एआईएडीएमके के साथ चुनाव लड़े हैं।” उन्होंने साफ किया कि उनके मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार पलानीस्वामी ही हैं।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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