देश में आज 1 जुलाई से VB-G RAM G यानि ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट 2025 लागू हो गया है ग्रामीण विकास मंत्रालय ने मंगलवार को इस अधिनियम के तहत संशोधित मजदूरी दरों की घोषणा की है और भारत सरकार के राजपत्र में इसका प्रकाशन भी कर दिया गया, नए कानून में मजदूर को एक साल में कम से कम 125 दिन काम मिलेगा, ये कानून मनरेगा (MGNREGA) महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम का स्थान लेगा।
भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वीबी-जी राम जी अधिनियम 2025 के तहत मजदूरी की न्यूनतम दरें आज से घोषित कर दी , यानि आज 1 जुलाई 2026 से जो दैनिक मजदूरी श्रमिक को दी जाएगी वो इस कानून के तहत दी जाएगी, सरकार ने न्यूनतम मजदूरी दर में वृद्धि करते हुए इसे औसत 300 रुपये कर दिया है यानि किसी भी श्रमिक को 300 रुपये से कम दैनिक मजदूरी नहीं दी जाएगी।
नए कानून के तहत सरकार ने साल में एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन काम दिए जाने की काम देने की गारंटी दी है, मनरेगा में 100 दिन के काम की गारंटी थी जिसे सरकार ने इस कानून में बढ़ाया है जिससे श्रमिकों को अपने परिवार की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी और भरण पोषण में आसानी होगी। विशेष बात ये है कि नए अधिनियम में तय समय के भीतर काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान किया गया है।
केंद्रीय मंत्री ने ऐतिहासिक और अभूतपूर्व दिन कहा
केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज के दिन को ऐतिहासिक दिन बताया है उन्होंने X पर लिखा- आज का दिन ऐतिहासिक और अभूतपूर्व है। प्रधानमंत्री नरेंद्र के नेतृत्व में आज देशभर में विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) लागू हो गया है। यह केवल एक अधिनियम नहीं, बल्कि करोड़ों ग्रामीण श्रमिक भाई-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और सुरक्षित आजीविका का नया अध्याय है।
100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार
केंद्रीय मंत्री ने कहा – अब ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं, बल्कि 125 दिनों के रोजगार का वैधानिक अधिकार मिलेगा। मुझे पूरा विश्वास है कि यह पहल गांवों में आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी, टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण तेज करेगी, मातृशक्ति को सशक्त बनाएगी और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण को नई गति देगी। आइए, समृद्ध, सशक्त तथा आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण में सहभागी बनें।
ग्रामीण मजदूरों को मिलने वाले लाभ
- योजना में श्रमिकों से 318 प्रकार के कामकाज कराए जा सकेंगे।
- ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में अब 100 के बजाय 125 दिनों के मजदूरी की गारंटी मिलेगी।
- न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन तय की गई है।
- औसत दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 327.4 रुपये कर दी गई है।
- अधिकतम 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया गया है।
- देरी होने पर 0.05% प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजे का प्रावधान किया गया है।
- यदि आवेदन के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो मजदूरों को बेरोजगारी भत्ते का कानूनी अधिकार दिया गया है।
राजपत्र में अधिसूचना जारी









