पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, राज्य की सियासत में गर्माहट सातवें आसमान पर पहुंच गई है। इसी गहमागहमी के बीच अब कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के राज्य दौरे को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। उत्तरी दिनाजपुर जिले के रायगंज में उनकी आगामी चुनावी रैली के लिए बनाए गए हेलीपैड को कथित तौर पर नुकसान पहुंचाया गया है। कांग्रेस ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है, जिससे चुनाव से ठीक पहले दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच आरोप और प्रत्यारोप की राजनीति और भी तेज हो गई है। यह घटना ऐसे समय हुई है जब सभी पार्टियां मतदाताओं को लुभाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक रही हैं।
कांग्रेस नेताओं ने इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि यह चौंकाने वाली घटना रविवार रात को हुई। रायगंज के स्टेडियम ग्राउंड में राहुल गांधी की मंगलवार दोपहर 12 बजे होने वाली रैली के लिए हेलीपैड पूरी तरह से तैयार था। पार्टी का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने सुनियोजित तरीके से हेलीपैड में तोड़फोड़ की, जिसका साफ मकसद राहुल गांधी की रैली की तैयारियों में बाधा डालना और उनके कार्यक्रम को बाधित करना था। हेलीपैड को इस तरह से क्षतिग्रस्त किया गया था कि इससे विमान की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। कांग्रेस नेताओं ने इसे सिर्फ तोड़फोड़ नहीं, बल्कि एक राजनीतिक षड्यंत्र बताया है जो राहुल गांधी के प्रचार को रोकने की कोशिश है।
इस गंभीर घटना को लेकर कांग्रेस ने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने स्थानीय प्रशासन से इस मामले की तत्काल और निष्पक्ष जांच करने के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। रायगंज विधानसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार मोहित सेनगुप्ता ने इस हमले को “जानबूझकर किया गया और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “यह सिर्फ हेलीपैड को नुकसान पहुंचाने का मामला नहीं है, यह राहुल गांधी के चुनाव प्रचार को रोकने और हमारी पार्टी के मनोबल को तोड़ने की कोशिश है। हम ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं और राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय पर ही होगा।” कांग्रेस नेताओं ने इसे चुनावी लोकतंत्र पर हमला भी करार दिया है।
टीएमसी ने आरोपों को बताया मनगढ़ंत, कांग्रेस पर माहौल बिगाड़ने का आरोप
कांग्रेस के गंभीर आरोपों के बाद, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने भी इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कांग्रेस द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को “पूरी तरह से झूठा, बेबुनियाद और निराधार” करार दिया है। टीएमसी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “ये आरोप सच्चाई से कोसों दूर हैं। कांग्रेस खुद ही पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल खराब करने और जनता की सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह के मनगढ़ंत दावे कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी लोकतांत्रिक प्रक्रिया और शांतिपूर्ण चुनाव में विश्वास रखती है, और इस तरह की तोड़फोड़ की राजनीति का उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है। टीएमसी ने कांग्रेस पर अपनी संभावित हार का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
विवादों के बावजूद, कांग्रेस ने राहुल गांधी की रैली को सफल बनाने के लिए कमर कस ली है। पार्टी नेताओं ने बताया कि हेलीपैड को तेजी से ठीक करने का काम जारी है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि मरम्मत का कार्य रैली शुरू होने से पहले पूरा हो जाए। राहुल गांधी की रायगंज रैली तय समय पर, यानी मंगलवार दोपहर 12 बजे, स्टेडियम ग्राउंड में ही आयोजित की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता कर दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो। स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी पूरे मामले पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैं।
राहुल गांधी का मंगलवार का यह दौरा पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के चुनाव प्रचार अभियान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। रायगंज के अलावा, वह मंगलवार को ही मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में भी महत्वपूर्ण चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे। इन रैलियों के जरिए कांग्रेस राज्य में अपनी पकड़ मजबूत करने और मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही है। रायगंज में हेलीपैड पर हुई इस घटना ने राज्य के पहले से ही बेहद गरमाए चुनावी माहौल में और आग डाल दी है। कांग्रेस और टीएमसी दोनों ही एक-दूसरे पर हमलावर हैं, जिससे आरोप और प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। प्रशासन इस मामले की तह तक जाने के लिए जांच में जुटा है, लेकिन इस विवाद का असर निश्चित रूप से आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति और नतीजों पर देखने को मिल सकता है, और आने वाले दिनों में यह चुनावी जंग और भी तीखी होने की संभावना है।






