सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान चीफ जस्टिस सीजेआई बीआर गवई के 23 नवंबर को सेवानिवृत्त होने के बाद अगले सीजेआई की नियुक्ति प्रक्रिया केंद्र सरकार ने औपचारिक रूप से शुरू कर दी है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जस्टिस सूर्यकांत इस पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार हैं और उनका चयन लगभग तय माना जा रहा है। मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर के तहत, सीजेआई की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के सबसे वरिष्ठ जज को दी जाती है, बशर्ते उन्हें इस पद के लिए योग्य माना जाए।
केंद्रीय कानून मंत्री जल्द ही मौजूदा सीजेआई गवई से उनके उत्तराधिकारी की सिफारिश मांगेंगे। आमतौर पर यह पत्र सीजेआई के रिटायरमेंट से एक महीने पहले भेजा जाता है, लेकिन इस बार प्रक्रिया को थोड़ा पहले ही शुरू किया गया है। सूत्रों के अनुसार जस्टिस गवई को यह पत्र आज शाम या शुक्रवार तक सौंप दिया जाएगा। जस्टिस सूर्यकांत वर्तमान में सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ जज हैं, जिसके कारण उनकी नियुक्ति में कोई बाधा नजर नहीं आ रही।
जस्टिस सूर्यकांत का चयन इस परंपरा के अनुरूप
मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर, जो सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों की नियुक्ति स्थानांतरण और पदोन्नति को नियंत्रित करता है, स्पष्ट रूप से सीजेआई पद के लिए सबसे वरिष्ठ जज की नियुक्ति का प्रावधान करता है। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता और परंपरा का पालन सुनिश्चित किया जाता है। जस्टिस सूर्यकांत का चयन इस परंपरा के अनुरूप ही होगा, जो न्यायपालिका की स्वतंत्रता और निरंतरता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार
नियुक्ति के बाद जस्टिस सूर्यकांत 24 नवंबर को पदभार संभालेंगे और लगभग 15 महीनों तक, यानी 9 फरवरी 2027 तक इस महत्वपूर्ण पद पर रहेंगे। इस दौरान वे सुप्रीम कोर्ट के मामलों के अलावा संवैधानिक महत्व के मुद्दों पर भी नेतृत्व प्रदान करेंगे। यह नियुक्ति न्याय व्यवस्था में स्थिरता लाने के साथ-साथ आगामी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करेगी।





