सीएम हेल्पलाइन पर मिली बासी खाना परोसने की शिकायत के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मनासा तहसील के दो रेस्टोरेंट को शट डाउन (बंद) कर दिया है। इन प्रतिष्ठानों पर अत्यधिक गंदगी और बिना वैध खाद्य पंजीयन (लाइसेंस) के खाद्य सामग्री का निर्माण और विक्रय किया जा रहा था। टीम ने मौके से कुल 5 खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए भेज दिए हैं।
दरअसल नीमच जिले में संचालित कुछ रेस्टोरेंट ग्राहकों को बसी और ख़राब खाना परोस रहे थे, उनके किचिन से लेकर हर तरफ गंदगी भी रहती है ग्राहकों एन कई बार इसपर आपत्ति उठाई लेकिन रेस्टोरेंट मालिकों का रवैया ठीक नहीं हुआ जिसके बाद स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नागरिक ने इसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में कर दी, शिकायत होते ही नीमच खाद्य एवं औषधि प्रशासन जागा और फिर एक्शन लिया
कलेक्टर हिमांशु चंद्रा के आदेश पर अपर कलेक्टर बीएस कलेश और एसडीएम (मनासा) के मार्गदर्शन में खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम निरीक्षण पर निकली और उसे कई जगह खामियां मिलीं, कुछ रेस्टोरेंट को चेतावन देकर बक्श दिया लेकिन दो रेस्टोरेंट पर सख्त एक्शन लेते हुए ताला जड़ दिया
2024 में ही समाप्त हो गया था लाइसेंस
बरलाई रोड, तलाऊ स्थित देशी तड़का रेस्टोरेंट पर टीम को आकस्मिक निरीक्षण में किचन में भारी अव्यवस्था और गंदगी मिली। चिकन, अंडा करी और रोटी जैसे खाद्य पदार्थों का निर्माण और भंडारण अस्वच्छ परिस्थितियों में हो रहा था। बर्तनों और फ्रिज में भी भारी गंदगी थी। लाइसेस की जांच में पता चला कि इस रेस्टोरेंट का खाद्य पंजीयन साल 2024 में ही समाप्त हो चुका था। यानि ये रेस्टोरेंट तभी से अवैध रूप से संचालित हो रहा है मौके से 3 खाद्य नमूने लिए गए और जन स्वास्थ्य को देखते हुए रेस्टोरेंट का शट डाउन कर दिया गया।
चारों तरफ पसरी थी गंदगी
खाद्य विभाग की टीम रामपुरा रोड, फुलपुरा स्थित होटल किंग फिशर पहुंची यहाँ भी हालात बेहद खराब मिले। किचन की दीवारों पर पुताई नहीं थी और चारों तरफ गंदगी पसरी थी। मटन, मछली, चिकन, अंडा करी और सेव-टमाटर की सब्जी का निर्माण अस्वच्छ स्थिति में किया जा रहा था। फ्रिज में रखे खाद्य पदार्थ भी अस्वच्छ स्थिति में पाए गए यहाँ भी संचालक के पास कोई भी वैध खाद्य पंजीयन नहीं मिला। मौके से 2 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए और इस प्रतिष्ठान को भी तुरंत प्रभाव से बंद (शट डाउन) करवा दिया गया।
हो सकता है 3 लाख रुपये तक का जुर्माना
अधिकारियों ने मौके पर संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बिना लाइसेंस और अस्वच्छ हालात में व्यवसाय करने पर ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006’ के तहत अधिकतम 3 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। लैब से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस संपूर्ण छापामार कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजू सोलंकी और यशवंत कुमार शर्मा के साथ कस्बा पटवारी गोपाल भाटी भी मौजूद रहे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से मिलावटखोरों और अस्वच्छ तरीके से खाद्य सामग्री बेचने वालों में हड़कंप मच गया है।






