गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर नीमच जिले का प्रसिद्ध लेवड़ा आश्रम श्रद्धालुओं की आस्था का बड़ा केंद्र बना रहा। सुबह से ही आश्रम में भक्तों का आना शुरू हो गया था। दूर-दराज के गांवों और शहरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने परम पूज्य गुरु कमलानंद जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। पूरे आश्रम में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।
गुरु पूर्णिमा का पर्व भारतीय संस्कृति में गुरु के सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। इसी कारण आश्रम में दिनभर श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। हर कोई अपने गुरु के चरणों में नमन कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करता नजर आया।
अशोक गंगानगर ने भी लिया गुरु का आशीर्वाद
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान समाजसेवी अशोक गंगानगर भी लेवड़ा आश्रम पहुंचे। उन्होंने परम पूज्य गुरु कमलानंद जी महाराज के चरणों में नमन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश और देश की खुशहाली, समाज में शांति और लोगों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि गुरु का आशीर्वाद जीवन में सही दिशा देता है और अच्छे संस्कारों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
दिनभर चलते रहे धार्मिक कार्यक्रम
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना, गुरु वंदना, भजन-कीर्तन और सत्संग का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ इन कार्यक्रमों में भाग लिया। आश्रम परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे पूरे परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।
कार्यक्रम के अंत में महाआरती हुई और सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कई भक्त अपने परिवार के साथ आश्रम पहुंचे और गुरु का आशीर्वाद लेकर स्वयं को धन्य महसूस किया।
गुरु कमलानंद जी महाराज ने दिया प्रेरणादायक संदेश
अपने आशीर्वचन में गुरु कमलानंद जी महाराज ने कहा कि गुरु केवल शिक्षा नहीं देते, बल्कि जीवन को सही दिशा भी दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि ज्ञान, सेवा और अच्छे संस्कार ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति और गुरु-शिष्य परंपरा को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। साथ ही समाज में प्रेम, सहयोग और सेवा की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा दी।
गुरु पूर्णिमा का विशेष महत्व
भारतीय संस्कृति में गुरु पूर्णिमा का विशेष स्थान है। इस दिन लोग अपने गुरु, शिक्षक और जीवन में मार्गदर्शन देने वाले सभी लोगों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं। माना जाता है कि गुरु के आशीर्वाद से जीवन में सफलता और सही मार्ग मिलता है। इसी परंपरा को निभाने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु लेवड़ा आश्रम पहुंचते हैं और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।






