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जयपुर पुलिस ने उठाया बड़ा कदम, पर्यटकों के लिए लॉन्च किया जाएगा Pink Guard App, जिससे घूमना होगा और भी सुरक्षित

Written by:Rishabh Namdev
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जयपुर पुलिस ने शहर में घूमने आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए 'पिंक गार्ड ऐप' लॉन्च करने का फैसला किया है। दरअसल यह नया ऐप अप्रैल के अंतिम सप्ताह से काम करना शुरू करेगा, जिसके बाद जयपुर आने वाले लाखों देशी-विदेशी सैलानियों को काफी मदद मिलेगी।
जयपुर पुलिस ने उठाया बड़ा कदम, पर्यटकों के लिए लॉन्च किया जाएगा Pink Guard App, जिससे घूमना होगा और भी सुरक्षित

दुनियाभर में पर्यटन के एक बड़े केंद्र के रूप में प्रसिद्ध जयपुर हर साल लाखों पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। दरअसल यहां के ऐतिहासिक स्थल, रंगीन बाजार, किले और महल दुनिया भर के यात्रियों को आकर्षित करते हैं। बड़ी संख्या में आने वाले पर्यटकों में अकेले यात्री, परिवार, बुजुर्ग और युवा सभी शामिल होते हैं। कई बार अंजान शहर में भाषा, रास्तों और स्थानीय जानकारी की कमी के कारण उन्हें परेशानी होती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और शहर में बिना दिक्कत घूमने की सुविधा एक बड़ी प्राथमिकता रहती है। इसी जरूरत को देखते हुए जयपुर पुलिस यह डिजिटल समाधान लेकर आई है, जिससे पर्यटक बेफिक्र होकर शहर का आनंद ले सकें।

बता दें कि ‘पिंक गार्ड ऐप’ सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पर्यटकों के लिए एक पूरी गाइड की तरह काम करेगा। इस एप्लीकेशन के माध्यम से पर्यटकों को जयपुर के प्रमुख पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी मिलेगी, जिसमें उनके खुलने-बंद होने का समय, टिकट की जानकारी और इतिहास भी शामिल होगा।

रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट होगा

वहीं इसके साथ ही ऐप शहर में इन जगहों तक पहुंचने के रास्तों और रियल टाइम ट्रैफिक की जानकारी भी देगा। रियल टाइम ट्रैफिक अपडेट से पर्यटक व्यस्त सड़कों से बचते हुए अपने समय का बेहतर उपयोग कर पाएंगे और समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। यह सुविधा खास तौर पर उन पर्यटकों के लिए फायदेमंद होगी जो पहली बार जयपुर आ रहे हैं और शहर के रास्तों से परिचित नहीं हैं। इससे उनका यात्रा अनुभव और अधिक आसान और बेहतर हो जाएगा।

‘पिंक गार्ड ऐप’ के जरिए सीधे जयपुर पुलिस से संपर्क किया जा सकेगा

सुरक्षा के लिहाज से यह ऐप काफी महत्वपूर्ण रहेगा। अगर शहर में घूमने आया कोई भी पर्यटक किसी मुसीबत में फंस जाता है, चाहे वह स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति हो, चोरी की घटना हो या किसी तरह का दुर्व्यवहार, तो वह ‘पिंक गार्ड ऐप’ के जरिए सीधे जयपुर पुलिस से संपर्क कर सकेगा। ऐप में यह सुविधा दी गई है कि आपात स्थिति में संपर्क करने पर पर्यटक की लोकेशन अपने आप पुलिस तक पहुंच जाएगी। यह जीपीएस आधारित ट्रैकिंग सिस्टम पुलिस को तुरंत मदद पहुंचाने में मदद करेगा, जिससे पर्यटक को किसी अंजान जगह पर घबराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पारंपरिक तरीकों की तुलना में यह सीधा और तेज संपर्क आपात स्थिति में मदद पहुंचाने का समय काफी कम कर देगा, जिससे पर्यटकों को तुरंत सहायता मिल सकेगी और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

पर्यटकों को ठगी से बचाना मकसद

ऐप का एक और अहम पहलू पर्यटकों को ठगी से बचाना है। अक्सर पर्यटकों को गाइड्स से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जैसे अनधिकृत गाइड्स द्वारा ज्यादा पैसे वसूलना या गलत जानकारी देना। ‘पिंक गार्ड ऐप’ इस समस्या का समाधान भी करेगा। ऐप पर पुलिस द्वारा रजिस्टर्ड गाइड्स की पूरी सूची उनके तय शुल्क के साथ उपलब्ध रहेगी। इससे पर्यटक अपनी पसंद और बजट के अनुसार भरोसेमंद और सत्यापित गाइड चुन सकेंगे। इससे न सिर्फ पर्यटक ठगी से बचेंगे, बल्कि उन्हें सही जानकारी और बेहतर मार्गदर्शन भी मिलेगा। यह कदम भरोसेमंद गाइड्स को भी बढ़ावा देगा और पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाएगा।

गाइड्स के अभद्र व्यवहार या तय शुल्क से ज्यादा पैसे वसूलने की शिकायतों से निपटने के लिए भी ऐप में खास व्यवस्था की गई है। पर्यटक इस ऐप के जरिए किसी भी गाइड के खिलाफ गोपनीय शिकायत दर्ज करा सकेंगे। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया आसान और सुरक्षित होगी, जिससे पर्यटक बिना किसी डर के अपनी बात रख सकेंगे। शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित गाइड को तुरंत लिस्ट से हटाकर उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। यह व्यवस्था गाइड्स में जवाबदेही बढ़ाएगी और पर्यटकों को सुरक्षित और सम्मानजनक अनुभव देगी।

वहीं स्पेशल कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि “अगर गाइड के खिलाफ शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित गाइड को तुरंत लिस्ट से हटाकर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह कदम गाइड्स में जवाबदेही बढ़ाएगा और पर्यटकों को एक सुरक्षित और सम्मानजनक अनुभव देगा।”

अभय कमांड सेंटर से होगी ऐप की निगरानी

‘पिंक गार्ड ऐप’ का संचालन पुलिस कमिश्नरेट स्तर पर बने अभय कमांड सेंटर से किया जाएगा। यह आधुनिक कमांड सेंटर 24 घंटे काम करेगा और ऐप के माध्यम से होने वाली हर गतिविधि पर नजर रखेगा। अभय कमांड सेंटर में शहर भर में लगे सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क भी जुड़ा हुआ है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थिति की पुष्टि कर मदद भेजी जा सकेगी। इस केंद्र से पर्यटकों की हर शिकायत और आपात कॉल पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यह केंद्रीकृत निगरानी व्यवस्था ऐप की विश्वसनीयता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। पुलिस का मानना है कि यह ऐप जयपुर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक सुरक्षित पर्यटन स्थल के रूप में और मजबूत पहचान दिलाएगा, जिससे पर्यटकों की संख्या और उनके अनुभव दोनों में सकारात्मक बढ़ोतरी होगी।

Rishabh Namdev
लेखक के बारे में
मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev
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