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सरसों एवं चना को MSP पर खरीदेगी सरकार, 15 मार्च से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन, यहाँ जानें डिटेल

Written by:Atul Saxena
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अजमेर, जोधपुर, बीकानेर एवं कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ द्वारा एवं जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर एवं भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कार्य करवाया जाएगा।
सरसों एवं चना को MSP पर खरीदेगी सरकार, 15 मार्च से शुरू होंगे रजिस्ट्रेशन, यहाँ जानें डिटेल

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राजस्थान में सरसों और चना का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है, सरकार MSP पर इसकी खरीद शुरू करने जा रही है, सरकार ने इसके रजिस्ट्रेशन और खरीदी की तारीखों की घोषणा कर दी है, राजफेड के आठ क्षेत्रीय कार्यालयों के जिलों के लिए दो अलग अलग तारीखों की घोषणा की गई है, परेशानी से बचने के लिए किसान अपने जिले की पंजीयन और खरीदी तारीख यहाँ देखकर नोट कर लें।

राजस्थान सरकार के सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हो जाने के बाद राजफेड द्वारा रबी-2026 के अंतर्गत सरसों एवं चना की समर्थन मूल्य पर खरीद शीघ्र शुरू की जा रही है। उन्होंने बताया कि राजफेड के चार क्षेत्रीय कार्यालयों कोटा, अजमेर, भरतपुर एवं श्रीगंगानगर में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 मार्च से एवं खरीद 25 मार्च से शुरू होगी। जबकि, शेष चार क्षेत्रीय कार्यालयों जयपुर, जोधपुर, उदयपुर एवं बीकानेर नें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 20 मार्च एवं खरीद 1 अप्रेल से शुरू होगी।

सरसों की MSP 6200, चना की 5875 रुपये प्रति क्विंटल

मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6,200 रुपये प्रति क्विंटल एवं चना का समर्थन मूल्य 5,875 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने राज्य में सरसों की 13.78 लाख मीट्रिक टन एवं चना की 5.53 लाख मीट्रिक टन खरीद की सीमा निर्धारित की है, इस हिसाब से जिलेवार सीमा ऑनलाइन उपलब्ध करवा दी गई है। अजमेर, जोधपुर, बीकानेर एवं कोटा क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में एनसीसीएफ द्वारा एवं जयपुर, उदयपुर, श्रीगंगानगर एवं भरतपुर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले 22 जिलों में नेफेड द्वारा खरीद कार्य करवाया जाएगा।

60 दिनों तक ही की जाएगी खरीदी 

सहकारिता मंत्री ने बताया कि सरसों एवं चना उत्पादक किसान स्वयं क्यूआर कोड स्कैन कर अथवा ई-मित्र के माध्यम से पंजीकरण करवा सकेंगे। समर्थन मूल्य पर ख़रीद किसानों की आधार आधारित बायोमीट्रिक पहचान के माध्यम से ही की जाएगी। भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार नैफेड और एनसीसीएफ के लिए समर्थन मूल्य पर ख़रीद 60 दिवस की अवधि में की जाएगी। सहकारिता मंत्री ने राजफेड को निर्देश दिए हैं कि खरीद केन्द्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से सुनिश्चित कर ली जाए।

मंत्री ने फसलको साफ सुथरा लाने की अपील की 

सहकारिता मंत्री ने कहा कि किसान पूर्व की भांति एफएक्यू गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप अपनी फसल क्षेत्र की क्रय-विक्रय अथवा ग्राम सेवा सहकारी समिति केन्द्र पर विक्रय कर सकेंगे। किसानों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हो इसके लिए राजफेड में कॉल सेन्टर 18001806001 स्थापित किया गया है। उन्होंने किसानों से अनुरोध किया कि वे अपनी फसल को साफ-सुथरा कर तथा छानकर क्रय केन्द्रों पर लाएं ताकि गुणवत्ता मापदण्डों के अनुरूप जिंस विक्रय कर सकें।

क्षेत्रीय कार्यालयों के अंतर्गत जिले

  • जयपुर: जयपुर, कोटपूतली-बहरोड़, दौसा, सीकर, टोंक, झुंझुनूं।
  • उदयपुर: उदयपुर, सलूम्बर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, बांसवाड़ा।
  • श्रीगंगानगर: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़।
  • भरतपुर: भरतपुर, अलवर, खैरथल-तिजारा, डीग, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर।
  • अजमेर: अजमेर, नागौर, भीलवाड़ा, ब्यावर, कुचामन-डीडवाना।
  • जोधपुर: जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर, पाली, सिरोही, जालोर, बालोतरा, फलौदी।
  • बीकानेर: बीकानेर, चूरू।
  • कोटा: कोटा, बूंदी, बारां, झालावाड़।
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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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