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राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल, जल्द होगा तारीखों का ऐलान, ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ पर आया बड़ा बयान

Written by:Deepak Kumar
Published:
राजस्थान में पंचायत चुनाव का बिगुल, जल्द होगा तारीखों का ऐलान, ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ पर आया बड़ा बयान

राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की घोषणा जल्द होने वाली है। राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने मंगलवार (19 अगस्त) को जयपुर में प्रेस वार्ता कर बताया कि आयोग ने पूरी तैयारी कर ली है और अगले 10 दिनों के भीतर चुनाव की तारीखें घोषित कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया को दो महीनों के भीतर संपन्न कर लिया जाएगा।


कहां-कहां होंगे चुनाव?

निर्वाचन आयुक्त ने बताया कि इस बार चुनाव केवल उन पंचायतों और नगरीय निकायों में होंगे, जिनका 5 साल का कार्यकाल पूरा हो चुका है। जिन संस्थाओं का कार्यकाल अभी बाकी है, वहां चुनाव फिलहाल नहीं कराए जाएंगे। इस घोषणा के साथ ही राज्य में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सभी प्रमुख दल स्थानीय स्तर पर चुनावी तैयारी में जुट गए हैं और प्रत्याशियों की तलाश शुरू हो गई है।


11,000 ग्राम पंचायत और 125 नगरीय निकाय शामिल

मधुकर गुप्ता ने जानकारी दी कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है। इसी जिम्मेदारी को निभाने के लिए आयोग ने हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सभी जरूरी तैयारियां कर ली हैं।
इस बार राज्य में 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों और 125 नगरीय निकायों में चुनाव होंगे। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची का अद्यतन और उससे जुड़ी औपचारिकताओं को पूरा करने में एक से दो माह का समय लगेगा, लेकिन आयोग की कोशिश है कि पूरा चुनाव समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया जाए।


एक राष्ट्र-एक चुनाव पर क्या बोले आयुक्त?

प्रेस वार्ता के दौरान “वन स्टेट, वन इलेक्शन” यानी एक साथ चुनाव कराने के मुद्दे पर भी प्रश्न पूछे गए। इस पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि जब तक संसद संविधान में संशोधन नहीं करती, तब तक पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव एक साथ कराना संभव नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल न तो बढ़ाया जा सकता है और न ही घटाया जा सकता, इसलिए वर्तमान व्यवस्था के तहत अलग-अलग चुनाव ही कराए जाएंगे।


समय पर पूरा होगा चुनावी कार्यक्रम

मधुकर गुप्ता ने कहा कि इस साल केवल उन पंचायतों और निकायों में चुनाव होंगे, जिनका कार्यकाल समाप्त हो चुका है। जहां अवधि बाकी है, वहां चुनाव समय आने पर ही कराए जाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया समय पर पूरी होगी ताकि जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जा सके।
कुल मिलाकर, आने वाले कुछ हफ्तों में राजस्थान में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव का माहौल और गरमा जाएगा और स्थानीय राजनीति में हलचल और बढ़ने की पूरी संभावना है।