मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में पुलिसकर्मियों के कामकाज को और ज्यादा बेहतर बनाने के लिए एक खास पहल की गई है। थानों में काम करने वाले पुलिसकर्मियों को तकनीकी और व्यवहारिक मामलों में पूरी तरह दक्ष बनाने के लिए तीन दिनों का विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। डीआईजी निमिष अग्रवाल के मार्गदर्शन और एसपी अमित कुमार के नेतृत्व में इस ट्रेनिंग का शानदार शुभारंभ रविवार को एसपी ऑफिस में किया गया।
दरअसल इस खास प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पुलिस महकमे के कर्मचारियों की क्षमता को बढ़ाना है ताकि वे अपनी ड्यूटी और ज्यादा अच्छे से निभा सकें। ट्रेनिंग के पहले दिन जिलेभर के सभी थानों से प्रधान आरक्षक मोहर्रिर शामिल हुए। इस दौरान अलग-अलग बड़े पुलिस अधिकारियों ने इन सभी कर्मचारियों को अलग-अलग विषयों और कानूनी मामलों को लेकर बहुत ही बारीकी से जरूरी बातें समझाईं और मार्गदर्शन दिया।
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एसपी अमित कुमार ने दी थाना संचालन की सीख
प्रशिक्षण के पहले दिन रतलाम एसपी अमित कुमार ने खुद मोर्चा संभाला और पुलिसकर्मियों को थाना चलाने के तौर-तरीके और कानून व्यवस्था से जुड़ी जरूरी बातें सिखाईं। एसपी ने थाने के स्तर पर बरती जाने वाली सावधानियों, नियमों, बीट सिस्टम और कानून व्यवस्था की ड्यूटी के अहम बिंदुओं पर खुलकर बात की। इस पूरे कार्यक्रम के पहले सत्र का संचालन एएसपी ग्रामीण विवेक कुमार लाल ने बहुत अच्छे तरीके से किया।
पहले दिन के इस खास सत्र में कई विषय विशेषज्ञों ने पहुंचकर पुलिसकर्मियों का मार्गदर्शन किया। इसमें एसडीओपी किशोर पाटनवाला ने थाने के रजिस्टरों को सही से रखने के तरीके बताए, तो वहीं सीएसपी सत्येन्द्र घनघोरिया ने पुलिस विभाग में इस्तेमाल होने वाले नए डिजिटल एप की बारीकियां समझाईं। इसके अलावा रक्षित निरीक्षक मोहन भर्रावत ने बल की तैनाती और अनुशासन पर अपने विचार रखे।
तकनीक और ऑनलाइन कामकाज से अपडेट रहना जरूरी
आज के दौर में पुलिस के रोजाना के कामकाज में तकनीक और ऑनलाइन एप्लीकेशन की भूमिका बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है। थाने के स्तर पर होने वाली हर कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और नियमों के हिसाब से हो इसके लिए कर्मचारियों का अपडेट रहना बेहद जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एनडीपीएस मामलों की जांच, सीसीसीएनएस, ऑनलाइन कोर्ट प्रक्रिया और जब्त माल के निराकरण जैसी चीजों की पूरी जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण का कार्यक्रम अलग-अलग चरणों में चलाया जा रहा है। सोमवार को भी इसका सत्र जारी रहा और अब इस ट्रेनिंग के आखिरी दिन यानी 27 अक्टूबर को सभी पुलिसकर्मियों को प्रैक्टिकल यानी प्रायोगिक अभ्यास कराया जाएगा। दरसल, इससे फायदा यह होगा कि पुलिसकर्मी इन तीन दिनों में सीखी गई सभी जरूरी बातों को अपने थानों के रोजमर्रा के कामों में आसानी से लागू कर सकेंगे।
