माणकचौक थाना पुलिस ने खुद को फर्जी नारकोटिक्स अधिकारी बताकर प्रॉपर्टी कारोबारी से करीब 3 करोड़ 45 लाख रुपये और जायदाद हड़पने के मामले में सपना ठाकुर नाम की महिला पर मामला दर्ज किया है। तेजानगर निवासी फरियादी रुपेश चपरोत का एक दलाल के खिलाफ पुराना कोर्ट केस चल रहा था। इसी दौरान महिला ने खुद को मंदसौर नारकोटिक्स की टीआई बताकर संपर्क किया और डूबी रकम वापस दिलाने का भरोसा देकर कारोबारी को अपने जाल में फंसा लिया।

कुर्की और मदद के नाम पर ऐंठे 70 लाख नकद

महिला ने आरोपी की संपत्ति कुर्क कराने और अदालती प्रक्रिया के बहाने फरियादी से करीब 70 लाख रुपये नकद ऐंठ लिए। इसके बाद मुंबई के मामले में मदद का झूठा आश्वासन देकर कारोबारी के जीजा से भी 15 लाख रुपये ले लिए गए। इतना ही नहीं, स्टाम्प ड्यूटी और उधारीनामा के नाम पर आरटीजीएस तथा नकद माध्यम से लाखों रुपये अलग से अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

प्लाॉट अपने नाम कराया

कोर्ट में साक्ष्य पेश करने की आड़ में शातिर महिला ने तुलसी विहार कॉलोनी स्थित कारोबारी का एलआईजी प्लॉट अपने नाम ट्रांसफर करवा लिया। इसके बाद नामली रोड पर पेट्रोल पंप शुरू करने का सपना दिखाकर 20 लाख रुपये और ठग लिए। ठगी की हद तो तब हो गई जब महिला ने पीड़ित की बेटी की शादी के लिए रखे लगभग 105 ग्राम सोने के जेवर भी झांसा देकर अपने कब्जे में ले लिए।

मकान की रजिस्ट्री कराई और दबाव बनाकर वीडियो से कराया नामांतरण

शातिर महिला ने पीड़ित के तेजानगर स्थित मकान की रजिस्ट्री भी धोखे से अपने नाम करा ली। उसने बैंक से 20 लाख रुपये ट्रांसफर तो किए, लेकिन अगले ही दिन नकद वापस ले लिए। इसके बाद मकान एक करोड़ 30 लाख में बेचने की झूठी बात का वीडियो बनवाकर नामांतरण अपने नाम करवा लिया। फिलहाल शिकायत के आधार पर माणकचौक पुलिस ने महिला पर प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी है।