चैत्र नवरात्रि का पर्व आज से शुरू हो गया है। 19 मार्च से शुरू हुआ ये पर्व 9 दिनों तक चलेगा और माता दुर्गा के 9 स्वरूपों की पूजन की जाएगी। इन नौ दिनों में से हर दिन माता के किसी न किसी एक स्वरूप को समर्पित है। यही वजह है कि भक्त जमकर आराधना करते हैं और माता को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं।
जब नौ दिनों में माता के अलग-अलग स्वरूप की पूजा की जाती है तो उन्हें विशेष भोग भी अर्पित किया जाता है। ऐसा कहते हैं की माता को उनकी पसंद का भोग अर्पित करने से व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती है। चलिए हम आपको बताते हैं कि किस चीज का भोग लगाने से आपके घर में हमेशा सुख समृद्धि का वास बना रहेगा।
नौ दिनों में लगाएं ये भोग
माता शैलपुत्री
नवरात्रि के पहले दिन पर्वत राज हिमालय के पुत्र माता शैलपुत्री की पूजन की जाती है। माता को सफेद रंग बहुत पसंद है। ऐसे में आप उन्हें दूध से बनी हुई खीर, बर्फी या फिर शुद्ध घी का भोग लगा सकते हैं। ऐसा करने से व्यक्ति रोग मुक्त रहता है और उसे आरोग्य की प्राप्ति होती है।
माता ब्रह्मचारिणी
दूसरे दिन माता ब्रह्मचारिणी को पूजा जाता है। उन्हें शक्कर, पंचामृत और सफेद मिठाई का भोग बहुत प्रिय है। जो व्यक्ति उन्हें यह भोग लगाता है उसे सौभाग्य और लंबी आयु का आशीर्वाद मिलता है।
माता चंद्रघंटा
तीसरे दिन माता चंद्रघंटा को पूजा जाता है जो दुखों का नाश करने वाली मानी जाती हैं। माता को दूध से बनी मिठाई या खीर अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है। इससे व्यक्ति को ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
माता कुष्मांडा
चौथा दिन माता कुष्मांडा का होता है जिन्हें मालपुआ का भोग लगाना शुभ माना गया है। इस भोग से व्यक्ति की बुद्धि में वृद्धि होती है और आत्मविश्वास भी बढ़ जाता है।
मां स्कंदमाता
पांचवा दिन स्कंदमाता की पूजा होती है जिन्होंने भगवान कार्तिकेय के बाल स्वरूप को अपनी गोद में बैठाकर रखा है। माता को केले का भोग विशेष तौर पर अर्पित किया जाता है। इसे सेहत और संतान सुख से जोड़कर देखा जाता है।
माता कात्यायनी
नवरात्रि का छठा दिन मां दुर्गा के कात्यायनी स्वरूप को समर्पित किया गया है। महिषासुर मर्दिनी के नाम से प्रसिद्ध माता को शहद का भोग लगाना शुभ माना गया है। जो व्यक्ति ऐसा करता है उसका व्यक्तित्व आकर्षक होता है।
माता कालरात्रि
सातवें दिन माता कालरात्रि की पूजा की जाती है। उन्हें गुड का भोग लगाने से शत्रुओं से सुरक्षा मिलती है और घर में सुख समृद्धि आती है।
माता महागौरी
नवरात्रि के आठवें दिन माता महागौरी की पूजा की जाती है। उन्हें नारियल का भोग लगाना शुभ माना गया है। व्यक्ति की सारी इच्छाएं पूरी होती है और संतान से कोई परेशानी का अंत होता है।
माता सिद्धिदात्री
नवमी के दिन सिद्धिदात्री स्वरूप की पूजन की जाती है। उन्हें हलवा, पूरी और काले चने का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में हमेशा रिद्धि सिद्धि का वास बना रहता है और व्यक्ति को भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है।
Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News न्यूज़ नहीं करता।






