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दो मंगलकारी योगों में ऐसे मनाएं पौष पुत्रदा एकादशी, जानें पूजा और पारण का सही समय

Written by:Bhawna Choubey
Last Updated:
Putrada ekadashi 2025: इस वर्ष पौष पुत्रदा एकादशी का पावन पर्व दो मंगलकारी योगों, शुभ योग और शुक्ल योग में मनाया जाएगा, जो इसे और अधिक विशेष बनाता है। भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए इस दिन श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से पूजा और व्रत रखते हैं।
दो मंगलकारी योगों में ऐसे मनाएं पौष पुत्रदा एकादशी, जानें पूजा और पारण का सही समय

Putrada Ekadashi 2024: सनातन धर्म में पौष पुत्रदा एकादशी का विशेष महत्व है। जिसे हर वर्ष पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर व्रत रखने का प्रचलन है, जिन भी दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति नहीं हो रही है, उनके लिए यह दिन शुभ होता है, इस दिन व्रत करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है।

श्रद्धालु इस दिन पूरे विधि-विधान से लक्ष्मी नारायण की आराधना करते हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से पौष पुत्रदा एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है, जब यह शुभ योगों में आती है। यह पर्व न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि पारिवारिक सुख-समृद्धि के लिए भी अद्भुत माना गया है।

साल 2025 में कब हैं पौष पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2025)

वैदिक पंचांग के अनुसार पौष पुत्रदा एकादशी का शुभ पर्व इस साल 10 जनवरी 2025 को मनाया जाएगा। शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी और यह तिथि 10 जनवरी को सुबह 10 बजकर 19 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार यह व्रत और पूजा 10 जनवरी को रखी जाएगी।

इन दो योगों का हो रहा है निर्माण

पौष पुत्रदा एकादशी के अवसर पर इस वर्ष दो शुभ और मंगलकारी योगों का निर्माण हो रहा है, जो इसे और भी खास बनाते हैं। सबसे पहले शुभ योग का निर्माण हो रहा है, जिसे ज्योतिष में अत्यंत फलदायक माना गया है। इस योग में भगवान विष्णु की पूजा से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होती है। शुभ योग का समापन 10 जनवरी को दोपहर 2 बजकर 37 मिनट पर होगा। इसके बाद शुक्ल योग का संयोग बनेगा, जो 11 जनवरी को अभिजीत मुहूर्त के समय सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगा।

पारण का सही समय

पौष पुत्रदा एकादशी का पारण 11 जनवरी 2025 को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से 8 बजकर 30 मिनट तक रहेगा। इस शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण करना अति फलदायक माना गया है। पारण के समय अन्न का दान अवश्य करें, क्योंकि यह न केवल पारण अर्जित करने का माध्यम है, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष उपाय भी है।

Disclaimer- यहां दी गई सूचना सामान्य जानकारी के आधार पर बताई गई है। इनके सत्य और सटीक होने का दावा MP Breaking News नहीं करता।

Bhawna Choubey
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मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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