शहडोल, अखिलेश मिश्रा। हमेशा सुर्ख़ियों में रहने वाली वन परिक्षेत्र अधिकारी गोहपारू और रेत कारोबारी नवाब के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो वायरल हुआ है। ऑडियो वायरल जिसमें रेंजर पुष्पा सिंह रेत कारोबारी से खुलेआम मैनेजमेंट की बात कर रही हैं। इतना ही नहीं अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर चढ़ोत्तरी की बात कर रही हैं। वायरल ऑडियो में यह बात भी हुई है कि रेत निकालने के लिए मशीनें लग जाए तो कारोबार में चार चांद लग जाए। कलेक्टर को मैनेज करने की भी वायरल ऑडियो में बात पुष्पा सिंह रेंजर के द्वारा की गई है। निचले स्तर से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को मैनेज करके रेत का कारोबार चलाने के लिए रेंजर के द्वारा बात की जा रही है। बातों ही बातों में रेंजर पुष्पा सिंह ने पत्रकारों के बारे में भी अभद्र तरीके से बात की है।
रेंजर और रेत कारोबारी के बीच हुई बातचीत का ऑडियो हुआ वायरल
Written by:Gaurav Sharma
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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →






