भारत ने एशियन गेम्स में मंगलवार को कई खेलों में मेडल जीते। दरअसल महिला 4×400 मीटर रिले टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड अपने नाम किया। वहीं इसके साथ ही भारत के कुल गोल्ड मेडल 6 हो गए हैं। इसी दिन भारत ने लगातार छठी बार एशियन गेम्स में 50 मेडल का आंकड़ा पार किया। 2006 से भारत हर एशियन गेम्स में 50 या उससे ज्यादा मेडल जीत रहा है।

दरअसल गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 5000 मीटर रेस में 13 मिनट 32.75 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। इससे पहले वह 10 हजार और 1500 मीटर रेस में सिल्वर जीत चुके हैं। 5000 मीटर में ब्रॉन्ज के साथ उन्होंने इस एशियन गेम्स में अपनी मेडल हैट्रिक पूरी कर ली।

महिला 4×400 मीटर रिले में भारत का गोल्ड

वहीं महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम ने गोल्ड मेडल जीता। टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकेंड में रेस पूरी की। भारत के लिए यह गोल्ड इसलिए भी खास रहा क्योंकि इस जीत के बिना 1994 के बाद यह पहला एशियन गेम्स होता जिसमें भारत को एथलेटिक्स में कोई गोल्ड नहीं मिलता। इस जीत को भारत की एथलेटिक्स विरासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है। पीटी उषा और उनकी 400 मीटर रिले टीम ने 1980 और 1990 के दशक में एशियन स्तर पर भारत की एथलेटिक्स पहचान मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी। अब वित्या रामराज और उनकी टीम ने उसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए एची-नागोया गेम्स में भारत को गोल्ड दिलाया। वित्या रामराज के लिए यह जीत और खास रही। उन्होंने एक दिन पहले ही 400 मीटर हर्डल्स में पीटी उषा का रिकॉर्ड तोड़ा था और कहा था कि एक और मेडल आएगा। अगले ही दिन 4×400 मीटर रिले में गोल्ड जीतकर उन्होंने अपना तीसरा मेडल हासिल किया।

गुलवीर सिंह की मेडल हैट्रिक, नीरू ढांडा ने भी जीता गोल्ड

दरअसल गुलवीर सिंह ने 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर इस एशियन गेम्स में अपनी तीसरी पदक जीत दर्ज की। वह इससे पहले 10 हजार मीटर और 1500 मीटर में सिल्वर जीत चुके हैं। इस तरह एक ही एशियन गेम्स में तीन मेडल जीतने वाले वह पहले भारतीय पुरुष धावक बने। वहीं महिला ट्रैप शूटिंग में नीरू ढांडा ने गोल्ड मेडल जीता। वह इस इवेंट में गोल्ड जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। नीरू की जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि 10 दिन पहले ही वह फ्लू की वजह से अस्पताल में भर्ती थीं। बीमारी के दौरान वह 5 दिनों तक कुछ खा-पी नहीं पाई थीं। वहीं नीरू के कोच मनशेर सिंह ने उन्हें बीमारी को भूलकर अपना पूरा ध्यान निशाने पर लगाने के लिए प्रेरित किया था। जीत के बाद नीरू ने कहा कि मनशेर सर ने उनसे कहा था कि जो हुआ उसे भूल जाओ और निशाने पर ध्यान लगाओ। उन्होंने वही किया और गोल्ड जीत लिया।

भारत को 10वें दिन 8 मेडल

बता दें कि एशियन गेम्स के 10वें दिन भारत ने कुल 8 मेडल जीते। इसके साथ भारत के कुल मेडल 53 हो गए और मेडल टेबल में भारत 10वें स्थान पर है। भारत ने 4×100 मीटर मिक्स्ड रिले में भी ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय टीम ने 41.06 सेकेंड में रेस पूरी की। चीन ने 40.78 सेकेंड के साथ गोल्ड और थाईलैंड ने 40.87 सेकेंड के साथ सिल्वर जीता। भारतीय टीम में गुरिंदरवीर सिंह, स्नेहा, अनिमेष और हरिता शामिल थे। महिला हाई जंप में पूजा ने 1.84 मीटर की ऊंचाई पार कर ब्रॉन्ज जीता। 1.87 मीटर पर उनके तीनों प्रयास असफल रहे। पुरुषों की 4×400 मीटर रिले में भी भारत ने ब्रॉन्ज जीता। भारतीय टीम में धर्मवीर चौधरी, मनु टी., जय कुमार और विशाल टीके शामिल थे। जापान ने गोल्ड और कतर ने सिल्वर जीता। पुरुष पोल वॉल्ट में देव मीणा ने 5.50 मीटर की छलांग लगाकर अपना ही नेशनल रिकॉर्ड बेहतर किया, लेकिन वह सातवें स्थान पर रहे। कुलदीप कुमार 5.35 मीटर के साथ 10वें स्थान पर रहे।