क्रिकेटर मोहम्मद शमी की पत्नी हसीन जहां किसी न किसी वजह से चर्चा में रहती हैं। एक बार फिर हसीन जहां का नाम सुर्खियों में है। बता दें कि अब हसीन जहां अपना गुजारा भत्ता बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई हैं। 7 नवंबर शुक्रवार को कोर्ट द्वारा हसीन जहां की याचिका पर पश्चिम बंगाल सरकार और मोहम्मद शमी को नोटिस जारी किया गया है। सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस याचिका को स्वीकार कर लिया गया है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि हाई कोर्ट की तरफ से जो गुजारा भत्ता तय किया गया है वह पर्याप्त लगता है। अब कोर्ट की ओर से इस मामले की अगली सुनवाई चार हफ्ते बाद रखी गई है।
दरअसल हसीन जहां ने हर महीने मिलने वाले भत्ते को बढ़ाने की मांग की है। कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा हसीन जहां और उनकी बेटी के लिए ₹4,00,000 महीने के मासिक गुजारा भत्ते का आदेश दिया गया था जिसमें से ₹1.5 लाख रुपए हसीन जहां को जबकि ₹2.5 लाख रुपए उनकी बेटी के लिए मंजूर हुए थे। लेकिन हसीन जहां इससे खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि कोर्ट हर महीने उनके लिए ₹7 लाख जबकि नाबालिग बेटी के लिए ₹3 लाख देने का आदेश दे।
क्यों की गई इसे बढ़ाने की मांग?
दरअसल हसीन जहां का कहना है कि मोहम्मद शमी की आमदनी करोड़ों रुपए में है और इस समय वह अपनी शानदार जिंदगी जी रहे हैं। ऐसे में कोर्ट द्वारा जो आदेश दिया गया है वह गलत है। फैमिली कोर्ट और हाई कोर्ट ने मोहम्मद शमी की आमदनी की अपेक्षा उनकी पत्नी और बेटी के लिए गुजारा भत्ता कम तय किया है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट में इस याचिका को जस्टिस मनोज मिश्रा और उज्ज्वल भुयान की बेंच ने सुना है, जिसके बाद उन्होंने कहा कि जो भत्ता हाई कोर्ट की ओर से तय किया गया है वह जीवन चलाने के लिए पर्याप्त लगता है। लेकिन कोर्ट द्वारा हसीन जहां के वकील के अनुरोध पर पेश की गई याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया गया है।
जानिए क्या है पूरा मामला?
बता दें कि मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच बड़ा विवाद देखने को मिला था। शादी के कुछ ही समय बाद यह विवाद खड़ा हो गया था। दोनों का निकाह 2014 में हुआ था। हालांकि कुछ सालों तक सब कुछ अच्छा चला लेकिन फिर हसीन जहां ने शमी पर कई तरह के गंभीर आरोप लगाए। हसीन जहां ने शमी पर दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया, साथ ही मारपीट करने और दूसरी महिलाओं से संबंध रखने के आरोप भी लगाए। बता दें कि मोहम्मद शमी पर हसीन जहां द्वारा कई तरह के केस लगाए गए हैं। हालांकि मोहम्मद शमी की ओर से यह साफ किया गया है कि यह सभी आरोप झूठे हैं।






