2026 टी20 वर्ल्ड कप के उस रोमांचक सेमीफाइनल में जब इंग्लैंड को आखिरी ओवर में जीत के लिए 30 रनों की दरकार थी, तब हर किसी की सांसें अटकी हुई थीं। क्रीज पर 45 गेंदों में शतक जड़ चुके जैकब बैथेल मौजूद थे, और सवाल यह था कि कप्तान आखिरी ओवर की जिम्मेदारी किसे सौंपेंगे। अब इस सवाल का जवाब खुद उस ओवर के हीरो, शिवम दुबे ने दिया है।
दुबे ने खुलासा किया है कि यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि टीम मैनेजमेंट ने पहले ही तय कर लिया था कि आखिरी ओवर वही डालेंगे। यह एक बड़ा खुलासा है, क्योंकि उस दबाव की स्थिति में एक पार्ट-टाइम गेंदबाज पर भरोसा जताना एक साहसिक कदम था।
पहले से तय थी रणनीति
बीसीसीआई द्वारा जारी एक वीडियो में शिवम दुबे ने उस पल की अपनी भावनाओं और टीम की रणनीति के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि वह काफी घबराहट महसूस कर रहे थे, लेकिन उन्हें अपनी काबिलियत पर पूरा भरोसा था।
“यह पहले ही तय हो चुका था कि आखिरी ओवर मेरे हिस्से में आने वाला है। मैं घबराहट महसूस कर रहा था। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में आखिरी ओवर फेंकना हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है।” — शिवम दुबे
दुबे ने आगे कहा, “मैं जानता था कि ओवर की पहली 2 गेंद सबसे महत्वपूर्ण होंगी क्योंकि 2 गेंद सही जाने पर मैच हमारी झोली में आ जाता। बैथेल शतक पूरा कर चुके थे, इसलिए मुझे अंदाज था कि आखिरी ओवर आसान नहीं होगा। मैंने खुद पर विश्वास बनाए रखा और अपनी काबिलियत पर भरोसा किया।”
पहली गेंद पर ही पलट दिया मैच
शिवम दुबे का आत्मविश्वास काम आया। इंग्लैंड को जीत के लिए 30 रन चाहिए थे और क्रीज पर जैकब बैथेल (105) जैसा बल्लेबाज था, जो किसी भी लक्ष्य को हासिल करने का माद्दा रखता था। लेकिन दुबे ने ओवर की पहली ही गेंद पर बैथेल को आउट कर इंग्लैंड की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
हालांकि, इसके बाद जोफ्रा आर्चर ने उनके ओवर में तीन छक्के जड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। भारत ने वह मुकाबला 7 रनों से जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी। उस मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 253 रन बनाए थे, जिसमें शिवम दुबे ने बल्ले से भी 25 गेंदों पर 43 रनों का महत्वपूर्ण योगदान दिया था। जसप्रीत बुमराह के किफायती ओवर्स ने भी भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी।






