भारतीय क्रिकेट के सबसे पसंदीदा खिलाड़ियों में से एक सौरव गांगुली एक बार फिर क्रिकेट की राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। बता दें कि वह बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ सकते हैं। 3 साल पहले सौरव गांगुली बीसीसीआई के अध्यक्ष रहे। ऐसे में अगर सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ते हैं तो उम्मीद की जा रही है कि वह चुनाव जीत जाएंगे। सौरव गांगुली का नाम भारत के महान कप्तानों में लिया जाता है। जब सौरव गांगुली ने बीसीसीआई अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ा था तो वह सर्वसम्मति से अध्यक्ष बने थे।
बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष चुनाव में यह देखना बेहद दिलचस्प रहेगा कि क्या सौरव गांगुली यह चुनाव निर्विरोध जीतते हैं या फिर उनके सामने कोई ऐसा चेहरा होगा जो उन्हें कड़ी टक्कर दे। हालांकि अब तक ऐसा लग रहा है कि सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट के अध्यक्ष बन सकते हैं।
साल 2014 में बंगाल क्रिकेट संघ के सचिव बने
क्रिकेट की राजनीति में कदम सौरव गांगुली ने बंगाल से ही रखा। साल 2014 में बंगाल क्रिकेट संघ के सचिव बने, उसके बाद 2019 में सौरव गांगुली को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाया गया। जानकारी दे दें कि सौरव गांगुली के कार्यकाल के बाद बीसीसीआई के अध्यक्ष के रूप में रोजर बिन्नी को चुना गया। लेकिन अब सौरव गांगुली एक बार फिर क्रिकेट की राजनीति में नजर आएंगे और प्रशासनिक जिम्मेदारी लेने की दिशा में आगे कदम बढ़ा सकते हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि सौरव गांगुली पिछले कुछ समय से बंगाल क्रिकेट संघ के सदस्यों से भी संपर्क कर रहे हैं।
बंगाल क्रिकेट के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली
वहीं, कई लोगों का यह भी मानना है कि सौरव गांगुली का बंगाल क्रिकेट संघ में दबदबा है। कई लोग चाहते हैं कि सौरव गांगुली बंगाल क्रिकेट संघ के अध्यक्ष बनें। इसे लेकर सीएबी के एक अधिकारी ने बताया कि सौरव गांगुली प्रशासन में लौटने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उन्होंने बंगाल क्रिकेट के अध्यक्ष के पद के लिए नामांकन दाखिल करने का पूरा मन बना लिया है। बीसीसीआई संविधान के मुताबिक, सौरव गांगुली के पास राज्य में कुल 9 साल में से 5 साल अभी बचे हुए हैं। हालांकि सौरव गांगुली सर्वसम्मति से चुने जाएंगे या फिर इसके लिए कोई चुनाव होगा, यह अभी तक साफ नहीं हुआ है। जानकारी दे दें कि फिलहाल बंगाल क्रिकेट के अध्यक्ष स्नेहाशीष गांगुली हैं, जो कि सौरव गांगुली के बड़े भाई हैं।






