धोखाधड़ी के मामले इन दिनों काफी बढ़ रहे हैं। सरकार ने विभिन्न प्रयासों के बाद भी स्कैमर्स ठगी का नया तरीका निकालते रहते हैं और भोलेभाले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं। इसलिए आज के दौर सतर्क रहना जरूरी हो गया है। छोटी-सी गलती भी अकाउंट खाली करवा सकती है या किसी अन्य बड़ी मुसीबत में डाल सकती है। पीआईबी ने नए तरीके के फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है। जनता को सावधान रहने को कहा है।

अब टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (TRAI) के नाम पर धोखाधड़ी के मामले सामने आए हैं। जिसमें साइबर अपराधी लोगों को मोबाइल नंबर के असामान्य उपयोग के लिए 2 घंटे के भीतर कनेक्शन काटने की चेतवानी दी जाती है। अधिक जानकारी और ग्राहक सेवा के लिए कुछ संख्याओं को दबाने की बात कही जाती है। पीआईबी ने ऐसे फोन कॉल्स और एसएमएस को फर्जी बताया है।

PIB ने क्या कहा?

पीआईबी ने कहा, “हाल में ऐसे कई मामले आए हैं जिसमें ट्राई अधिकारी के रूप में धोखेबाज बात करते हैं। अवैध गतिविधियों में शामिल होने और पैसे रखने के लिए मोबाइल कनेक्शन काटे जाने की धमकी देते हैं। भारतीय दूरसंचार विनियामकता अधिकरण से ग्राहकों के साथ मोबाइल नंबर के डिस्कनेक्शन के बारे में कोई भी कम्युनिकेशन शुरू नहीं करता। ग्राहकों से संपर्क करने के लिए किसी थर्ड पार्टी एजेंसी को भी अधिकृत नहीं किया किया गया है। इसलिए ऐसे मैसेज, कॉल या नोटिस को धोखाधड़ी का प्रयास माना जाएगा”

क्या करें और क्या नहीं?

  •  बिलिंग, केवाईसी या गलत इस्तेमाल को लेकर किसी भी मोबाइल नंबर के डिस्कनेक्शन का काम टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर द्वारा किया जाता है। इसलिए स्कैमर्स के झांसे में न फंसे।
  • यदि आपको किसी भी अनजान नंबर को संबंधित टीसीपी के अधिकृत कॉल सेंटर से क्रॉस-वेरफाई जरूर करें।
  • किसी भी अनजान कॉलर को अपनी पर्सनल डिटेल्स जैसे कि आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स इत्यादि शेयर ना करें।
  • यदि ऐसे संदिग्ध कॉल आपको आते हैं तो इसकी शिकायत तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर करें।