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बाबा महाकाल की दूसरी सवारी,सीएम मोहन यादव डमरू तो कैलाश विजयवर्गीय मंजीरे बजाते भक्तिभाव में डूबे

Written by:Atul Saxena
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बाबा श्री महाकाल की सवारी में 8 जनजातीय कलाकारों के दल शामिल रहे इन दलों ने झाबुआ का भगोरिया नृत्य, महाराष्ट्र के नाशिक का जनजातीय सौगी मुखोटा नृत्य , गुजरात जनजातीय राठ नृत्य , राजस्थान का गैर और घूमरा जनजातीय नृत्य प्रस्तुत किया गया।
बाबा महाकाल की दूसरी सवारी,सीएम मोहन यादव डमरू तो कैलाश विजयवर्गीय मंजीरे बजाते भक्तिभाव में डूबे

सावन के दूसरे सोमवार को आज भगवान श्री महाकालेश्वर की भव्य सवारी आज परंपरागत रूप से नगर भ्रमण पर नीकी। इस अवसर पर भगवान श्री महाकालेश्वर चंद्रमौलेश्वर स्वरूप में चांदी की पालकी में, जबकि मनमहेश स्वरूप में गजराज पर सवार होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला ने महाकाल की पूजा की, वे अन्य भक्तों की तरह भक्तिभाव में डूबे दिखाई दिए।

अवंतिकापुरी यानि उज्जैनी यानि उज्जैन आज बाबा महाकाल के स्वागत करने उमड़ पड़ी, सावन सोमवार की दूसरी सवारी शाम 4 बजे शुरू हुई तो जयकारों से पूरा उज्जैन गूंज उठा, सब तरफ सिर्फ महाकाल के भक्त,  उनका भक्तिभाव और धर्म आस्था का सैलाब दिखाई  दे रहा था, आज शहर का हर नागरिक महाकालेश्वर के दर्शन करने , उनकी सवारी में शामिल होने के लिए आतुर था।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सभा मंडप में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन किया। इस दौरान मंदिर के शासकीय पुजारी पंडित घनश्याम पुजारी ने पूजन कराया । पूजन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के साथ उपमुख्यमंत्री डॉ राजेंद्र शुक्ल, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, निगम सभापति कलावती यादव मुख्यमंत्री के पुत्र वैभव यादव व अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे।

जनजातीय कलाकारों की आकर्षक प्रस्तुति ने मन मोहा 

सीएम ने X पर लिखा- भगवान शिव की आराधना के पवित्र श्रावण मास के द्वितीय सोमवार पर राजाधिराज बाबा महाकाल की भव्य एवं दिव्य सवारी में चंद्रमौलेश्वर स्वरूप का दर्शन कर मन आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ। ओड़िशा के जनजातीय कलाकारों का ‘शंख हवनी नृत्य’ और छत्तीसगढ़ के कलाकारों का ‘पंथी नृत्य’ सवारी में लोक संस्कृति का ध्वजवाहक बना। सृष्टि के सृजक और पालनकर्ता बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि समस्त विश्व का कल्याण करें।

मोहन यादव ने बजाया डमरू, कैलाश ने मंजीरे 

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भक्तिभाव में इतने डूबे दिखाई दिए कि एक ने हाथ में डमरू पकड़ा और दूसरे ने मंजीरा और ढोल नगाड़ों की थाप पर सुरताल मिलाते हुए बजाया, मुख्यमंत्री ने तो नर्तक दल के साथ नृत्य में भी हिस्स्सा लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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