गांधी जयंती के अवसर पर उज्जैन के कलाकार रवि आकोदिया ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को एक अनोखे अंदाज में श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कैनवास पर बापू का रेखाचित्र उकेरने के बाद दाल, चावल और विभिन्न अनाजों के दानों को सहेजकर उनका आकर्षक पोर्ट्रेट तैयार किया। अपनी इस अनूठी कलाकृति के माध्यम से रवि ने गांधी जी के सत्य-अहिंसा के आदर्शों को याद करने के साथ-साथ आम जनता को अन्न का आदर करने का एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया है।
फेविकोल से चिपकाया एक-एक दाना
इस खास पोर्ट्रेट को तैयार करने की प्रक्रिया बेहद धैर्य और बारीकी भरी रही। रवि ने सबसे पहले कैनवास बोर्ड पर बापू का स्केच बनाया, फिर गोंद की मदद से अलग-अलग प्रकार की दालों और चावल के दानों को एक-एक कर चिपकाया। लगभग 4 से 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद यह कलाकृति बनकर तैयार हुई। इसमें करीब 5 से 6 प्रकार के घरेलू अनाजों का उपयोग किया गया, जिसमें कुल मिलाकर लगभग एक से डेढ़ किलोग्राम अनाज लगा।
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बीते 10 सालों से दे रहे अनूठी श्रद्धांजलि
पंजाब नेशनल बैंक में कार्यरत रवि पिछले 10 वर्षों से हर गांधी जयंती पर अलग-अलग माध्यमों से बापू की तस्वीर बनाकर उन्हें नमन करते आ रहे हैं। इससे पहले वे ड्राइंग, स्केचिंग, पेंटिंग और कैनवास पर पोर्ट्रेट बना चुके हैं। वर्ष 2025 में उन्होंने जमीन पर बालू-रेत के इस्तेमाल से गांधी जी की आकृति उकेरी थी। इस बार उन्होंने बाजार से कोई महंगा सामान खरीदे बिना घर में रोज इस्तेमाल होने वाली दाल-चावल को ही माध्यम चुना।
कम बारिश के बीच दिया अन्न बचाने का संदेश
रवि ने बताया कि इस साल प्रदेश में बारिश कम हुई है ऐसे में किसानों की मेहनत और अनाज की महत्ता को रेखांकित करने के लिए उन्होंने यह विचार चुना। बैंक की व्यस्त नौकरी के बावजूद वे कला के लिए समय निकालते हैं। उनका कहना है कि वे किसी पुरस्कार या प्रचार के लिए नहीं, बल्कि आत्मसंतुष्टि के लिए यह काम करते हैं। गांधी जी को केवल याद करने के बजाय उनके विचारों और अन्न का सम्मान करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।