उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए सड़क चौड़ीकरण का काम लगातार आगे बढ़ रहा है। दरअसल नगर निगम ने अब्दालपुरा इलाके में दूसरे दिन भी कार्रवाई जारी रखी। शनिवार को कई मकानों के लाल निशान वाले हिस्से हटाए गए, जबकि कुछ लोगों ने खुद ही प्रभावित हिस्सों को तोड़ना शुरू कर दिया। इसी अभियान में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान और उनकी बहन का घर भी शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो मुख्यमंत्री शनिवार को उज्जैन पहुंचे हैं। इसके बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि रविवार को उनके पैतृक मकान पर होने वाली कार्रवाई के दौरान वे मौजूद रह सकते हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
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मुख्यमंत्री के पैतृक मकान पर भी होगी कार्रवाई?
दरअसल अब्दालपुरा में स्थित मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान वर्ष 1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव ने बनवाया था। इसी घर में परिवार की अगली पीढ़ी का बचपन बीता। फिलहाल यहां उनके चाचा शंकरलाल यादव का परिवार रहता है। सड़क चौड़ीकरण की योजना में मकान का एक हिस्सा प्रभावित हो रहा है जिसे हटाया जाना है। वहीं मुख्यमंत्री की बहन कलावती यादव ने कहा कि खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक होने वाले चौड़ीकरण में उनका पैतृक मकान भी आ रहा है। उन्होंने साफ कहा कि परिवार विकास कार्य में पूरा सहयोग करेगा और प्रभावित हिस्से को हटाने के लिए तैयार है।
नगर निगम की कार्रवाई के दौरान अब तक कई मकानों पर लाल निशान वाले हिस्सों को हटाया गया है। प्रशासन का कहना है कि जिन भवनों पर निशान लगाए गए हैं वहां पहले से सूचना देकर तय सीमा तक निर्माण हटाया जा रहा है। जिन लोगों ने स्वयं प्रभावित हिस्से हटाने शुरू किए हैं उन्हें भी नियमानुसार समय दिया गया है।
उज्जैन में कई मार्गों का चौड़ीकरण जारी
दरअसल उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण सिर्फ अब्दालपुरा तक सीमित नहीं है। सिंहस्थ को ध्यान में रखते हुए शहर के एक दर्जन से अधिक प्रमुख मार्गों पर काम चल रहा है। इनमें कोयला फाटक से सती गेट, सती गेट से गोपाल मंदिर, ढाबा रोड, केडी गेट से जूना सोमवारिया, दो तालाब नानाखेड़ा से नीलगंगा और नीलगंगा से हरिफाटक ब्रिज जैसे प्रमुख मार्ग शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार शहर में 272 भवनों को चौड़ीकरण की जद में चिन्हित किया गया है। इन मार्गों पर 50 से अधिक धार्मिक स्थल भी प्रभावित हो रहे हैं।