उज्जैन में प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत पहुंची 10 ई-बसों का संचालन शुरू हो चुका है। इनके जरिए उज्जैन आने वाले यात्रियों को सभी मंदिरों के दर्शन करवाए जाएंगे। मंदिर दर्शन के रूटों पर उतारी गई इन बसों के ड्राइवर का फिलहाल प्रशिक्षण चल रहा है।

भोपाल से आई एक विशेष टीम इन बसों के ड्राइवरों को प्रशिक्षित कर रही है। इस बस की एक खासियत यह है कि इसमें हाइड्रोलिक रैंप की सुविधा मौजूद है। जिसके जरिए दिव्यांग यात्री आसानी से बस में चढ़ सकेंगे। यात्री व्हीलचेयर के साथ बस में प्रवेश कर सकेंगे। इस तरह की करीब 100 बस शहर में चलाने की योजना है।

200 रुपए के दिन भर सफर

उज्जैन दर्शन के मार्ग पर चलाई जा रही इन बसों के यात्रियों को एक सुविधा यह भी मिलने वाली है कि टिकट लेने के बाद वह निर्धारित रूप पर किसी भी स्टॉप पर उतरकर दर्शन कर सकते हैं। दर्शन करने के बाद अगर उनकी एक बस निकल जाती है तो वह अगली बस से अपनी यात्रा जारी रख सकेंगे। इसके लिए उन्हें फिर से टिकट नहीं लेना होगा। सुबह 7 से रात 8 बजे तक चलने वाली ये बसें हर 15 से 20 मिनट के अंतराल में उपलब्ध होगी। 200 रुपए का टिकट एक बार लेकर यात्री दिन भर दर्शन कर सकते हैं।

इन स्थलों के होंगे दर्शन

इन बसों से दर्शन का रूट मेघदूत वन पार्किंग से शुरू किया जाएगा। इसके बाद यह नीलकंठ द्वारा, महाकाल लोक, हरसिद्धि, भूखी माता, शिप्रा नदी, भर्तृहरि गुफा, गढ़कालिका, काल भैरव, सिद्ध वट, अंगारेश्वर, मंगलनाथ, और सांदीपनी आश्रम जाएगी। लौटते समय यह इन्हीं स्थानों से होते हुए वापस मेघदूत वन पार्किंग पहुंचेगी।