उज्जैन में इन दिनों एक नया मामला नजर आ रहा है। वह है मंदिरों को गिरवी रखकर ऋण लेने की योजना। इस टेंपल बॉन्ड को लेकर लंबे समय से चर्चा हो रही है और अब युवा कांग्रेस इसके विरोध में उतर गई है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में शहीद पार्क पर इस योजना के विरोध में प्रदर्शन किया।
जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अर्पित देवव्रत यादव के नेतृत्व में यहां एकत्रित हुए कार्यकर्ता अपने हाथों में कटोरा लेकर भिक्षा मांगते दिखाई दिए। कार्यकर्ताओं ने कहा कि मंदिरों की संपत्ति को लेकर पारदर्शिता होना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि इन्हें सुरक्षित रखकर विकास कार्य दान से करने और हर साल ऑडिट करने का श्वेत पत्र भी जारी होना चाहिए।
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युवा कांग्रेस ने किए सवाल
प्रदर्शन कर रहे हैं युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कुछ सवाल भी खड़े किए। उनका कहना था कि जब अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के लिए देशभर के लोगों ने चंदे के माध्यम से सहयोग दिया। तो फिर उज्जैन के 11 मंदिरों के विकास के लिए कर्ज लेने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है। कार्यकर्ता सवाल कर रहे थे कि मंदिरों की संपत्ति को आखिर किसी भी तरह के ऋण के लिए इस्तेमाल क्यों और कैसे किया जा रहा है।
भाजपा पर साधा निशाना
प्रदर्शन कर रहे हैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि भाजपा खुद को सनातन धर्म की पार्टी बोलती है। लेकिन इस तरह से मंदिरों को गिरवी रखकर कर्ज लेने की योजना बहुत चिंताजनक है। विरोध जताते हुए कार्यकर्ताओं ने हाथ में कटोरा लेकर आम लोगों से भिक्षा मांगी और कहा कि वह इसे महाकाल मंदिर में दान करेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान तराना विधायक और जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेश परमार, शहर अध्यक्ष मुकेश भाटी, बबलू खींची, अजीत सिंह ठाकुर, अशोक जाट, चंद्रभान सिंह चंदेल, अजय राठौर सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद थे। युवाओं ने अपना विरोध जारी रखने की बात कही।
