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“यहां सब ठीक है, चलो भागो”.. उमरिया में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में छात्रों को शिकायत रखने से रोका, पंचायत सचिव पर लगे आरोप

उमरिया में मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के दौरान कुछ छात्र-छात्राएं गांव की बदहाल सड़क और यात्री प्रतीक्षालय की समस्या लेकर अधिकारियों के सामने पहुंचे थे। आरोप है कि ग्राम पंचायत सचिव ने छात्रों को अपनी शिकायत रखने से रोक दिया। इस घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
Umaria News

मध्यप्रदेश में शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 से ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ का शुरुआत हुई है। इस अभियान के तहत उमरिया जिले के करकेली विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरही स्थित पीएम जनमन मल्टीपरपज भवन में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, क्षेत्रीय विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों एवं जनप्रति​निधियों ने जनता से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना। लेकिन इस कार्यक्रम में बीच छात्र-छात्राओं का गुस्सा फूट पड़ा।

बता दें कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान में संदीपनी स्कूल के कुछ छात्र-छात्राएं अपने गांव की बदहाल सड़क और यात्री प्रतीक्षालय की समस्या को लेकर अधिकारियों सामने पहुंचे थे। छात्रों का केवल एक ही उद्देश्य था कि अपनी समस्याओं से प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई हो सके। लेकिन इन छात्र-छात्राओं को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। आरोप है कि इन छात्र-छात्राओं को अपनी बात रखने से सचिव ने रोका।

छात्रों को अपनी शिकायत से रोका, सचिव पर आरोप

बता दें ​कि ऐसा आरोप लगाया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद बरही ग्राम पंचायत की सचिव ने छात्रों को अपनी शिकायत रखने से पहले ही रोक दिया। जानकारी के मुताबिक, सचिव ने कथित तौर पर छात्रों से कहा कि “यहां सब कुछ ठीक है, चलो भागो।” इसके बाद छात्रों को कथित रूप से धमकाते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर कर दिया गया।

एक छात्रा ने वीडियो में बताया कि हम सब स्कूल के बच्चे अपनी गांव की खराब सड़क और प्रतिक्षालय की शिकायत लेकर कार्यक्रम में जा रहे थे। लेकिन सचिव मैम ने बोल दिया कि सब कुछ ठीक है, चलो जाओ यहां से.. यहां तुम लोग क्या करने आए हो? छात्रा ने बताया कि यहां जितनी भी सरकारी संस्थाएं हैं सभी जगह कमियां नजर आएंगी।

घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी

इस घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना है कि जब शासन स्वयं जनता की समस्याएं सुनने के लिए जन विश्वास अभियान चला रहा है, तब शिकायत लेकर पहुंचे छात्रों को इस तरह रोकना और उन्हें अपमानित करना अभियान की भावना के विपरीत है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में ग्राम पंचायत की सचिव अथवा जिला प्रशासन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

क्या है ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’?

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 7 अगस्त 2026 को ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान’ की शुरुआत की गई है। यह अभियान 7 अगस्त 2026 से 8 जनवरी 2027 तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित कर आम लोगों की लंबे समय से लंबित शिकायतों व समस्याओं का त्वरित और जमीनी स्तर पर समाधान करना है।

Shyam Dwivedi
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