7th Pay Commission DA Hike 2025 : उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए खुशखबरी है।दिवाली से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। खबर है कि केन्द्र द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों व पेंसनरों का महंगाई भत्ता बढ़ाए जाने के बाद अब यूपी सरकार ने भी अपने कर्मचारियों का 1 जुलाई 2025 से 3 फीसदी डीए बढ़ाने की तैयारियां शुरू कर दी है। इससे 28 लाख कर्मचारियों शिक्षक व पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।इसके अलावा 14.82 लाख कर्मचारियों के लिए बोनस का भी ऐलान संभव है।
केन्द्र के बाद अब यूपी सरकार बढ़ाएगी कर्मचारियों पेंशनरों का डीए
दरअसल, केंद्र सरकार द्वारा हर साल 2 बार केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दरों में संशोधन किया जाता है, जो अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक इंडेक्स के छमाही आंकड़ों पर निर्भर करता है। यह वृद्धि हर साल जनवरी/जुलाई से की जाती है, जिसका ऐलान मार्च और अक्टूबर के आसपास होता है। केन्द्र सरकार के ऐलान के बाद राज्य सरकारों द्वारा घोषणा की जाती है।मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो दिवाली से पहले यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार भी अपने कर्मचारियों पेंशनरों के डीए में 3 फीसदी वृद्धि और 8 लाख कर्मचारियों के लिए बोनस का ऐलान कर सकती है। इसके लिए वित्त विभाग ने तैयारियां भी शुरू कर दी है।
दिवाली से पहले महंगाई भत्ते व बोनस का ऐलान संभव
- मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो योगी सरकार जुलाई 2025 से 7वें वेतन आयोग के तहत आने वाले 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढाने की तैयारी में है।वर्तमान में राज्य कर्मचारियों को 55 फीसदी डीए का लाभ मिल रहा है और 3 फीसदी वृद्धि के बाद यह 58 फीसदी हो जाएगा।इसको लेकर कार्मिक और वित्त विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जल्द ही प्रस्ताव को योगी कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा और यहां से मंजूरी मिलते ही कर्मचारियों पेंशनरों को 58 फीसदी डीए का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।इससे 16 लाख कर्मचारी व 12 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे।पांचवें और छठवें वेतनमान वाले राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा बाद में होगी।
- इसके अलावा योगी सरकार 8 लाख कर्मचारियों को बोनस देने की भी तैयारी में है। खबर है कि इस बार सरकार की तरफ से 3400 रुपये से 7000 रुपये तक का बोनस दिया जाएगा।इसके लिए 1000 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।बोनस का लाभ केवल अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि दैनिक वेतनभोगी और वर्कचार्ज कर्मचारियों को भी मिलेगा। अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलने वाली आधी राशि सीधे उनके जीपीएफ खाते में जमा होगी और शेष आधी रकम उनके बैंक खाते में आएगी।
क्या होता है मंहगाई भत्ता
महंगाई भत्ता एक भुगतान है जो केन्द्र और राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मुद्रास्फीति के प्रभाव को संतुलित करने के लिए देती हैं। यह वेतन का एक अतिरिक्त हिस्सा होता है, जिसे समय-समय पर महंगाई दर के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के अनुसार तय करती है।






