उत्तरप्रदेश में लगातार शिक्षा व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में नया सिस्टम लागू किया गया है। जिसके तहत कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए हर शनिवार को बैगलेस डे मनाया जाएगा। इसमें बच्चे पूरे सत्र में निर्धारित 10 दिन बिना बैग के स्कूल जाएंगे। हर शनिवार को बच्चे मस्ती की पाठशाला में किताबों की दुनिया से बाहर आकर खेलकूद की गतिविधियों में भाग लेंगे।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शनिवार से शुरू हुई इस व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों में किताबों के दबाव को कम करके खेलकूद व अन्य गतिविधियों के माध्यम से कौशल विकास करना है। जिन स्कूलों में इस शनिवार को ये व्यवस्था लागू नहीं हुई है वहां अगले शनिवार से ये लागू की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग की महानिदेशक मोनिका रानी ने इस व्यवस्था के लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 का कैलेंडर जारी कर दिया गया है। साथ ही इस सिस्टम को सभी स्कलों में तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं।

क्या है इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य?

इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों में किताबों के दबाव को कम करके खेलकूद व अन्य गतिविधियों के माध्यम से कौशल विकास करना है। सभी सरकारी स्कूलों में गतिविधि व प्रोजेक्ट आधारित शिक्षण, विभिन्न क्लबों का गठन, स्पोर्ट्स गतिविधियां, लर्निंग बाई डुइंग कार्यक्रम और राष्ट्रीय अविष्कार अभियान के कार्यक्रम के अंतर्गत क्विज प्रतियोगिता आयोजित होगी और शैक्षिक भ्रमण कराया जा रहा है।

प्रत्येक शनिवार को मनाया जाएगा बैगलेस डे

इस महीने के शनिवार व दिसंबर में सभी चारों शनिवार, जनवरी में तीसरे व चौथे शनिवार और फरवरी में पहले व द्वितीय शनिवार को बैगलेस डे आयोजित किया जाएगा। सभी ब्लॉक एजुकेशन अफसर (BEO) इस व्यवस्था को लागू करने के लिए शिक्षकों के साथ बैठके करेंगे और इसकी जानकारी देंगे।

The liveblog has ended.
No liveblog updates yet.