उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में सियासत का पारा चढ़ गया है। मत्स्य मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद हाल ही में दिए बयान और इंटरव्यू की वजह से चर्चा में हैं। उन्होंने बाहुबली नेताओं धनंजय सिंह और बृजेश सिंह के संभावित टिकट को लेकर कहा कि ये नेता कभी समाज के संरक्षक रहे हैं और कांग्रेस-सपा के समय निषाद समाज को समर्थन दिया। संजय निषाद का यह बयान साफ करता है कि उनके सहयोगियों के साथ उनके संबंध मजबूत हैं और यह खुला संकेत है कि बाहुबली नेता निषाद पार्टी के चुनावी फॉर्मूले में शामिल हो सकते हैं।
कांग्रेस-सपा और भाजपा दोनों पर हमला
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संजय निषाद ने न केवल कांग्रेस और सपा पर निशाना साधा बल्कि भाजपा को भी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा निषाद समाज और सहयोगियों के महत्व को नहीं समझती, तो गठबंधन तोड़ने में कोई हर्ज नहीं। निषाद वोट के महत्व को बताते हुए उन्होंने कहा कि उनका वोट सपा, बसपा और कांग्रेस के लिए नुकसानदेह है, जबकि भाजपा भी एक गलती में बड़ा नुकसान झेल सकती है। संजय निषाद ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि समाज की एकता और राजनीतिक आंदोलन ही चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।
धनंजय सिंह की राजनीतिक यात्रा और सहयोग
धनंजय सिंह निर्दलीय विधायक रह चुके हैं और लंबे समय तक जदयू, लोजपा और बसपा के जरिए राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने लोकसभा चुनाव 2024 में अपनी पत्नी के साथ भाजपा का समर्थन किया था। हालांकि सजा के कारण वह खुद नहीं लड़े, लेकिन उनके वोट और समर्थन को भाजपा के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। उनका कहना है कि उनका वोट हमेशा भाजपा के पक्ष में जाएगा। यदि भाजपा किसी बाहुबली नेता को चुनावी मैदान में नहीं उतारती, तो धनंजय सिंह अपने सहयोगियों या निषाद पार्टी के जरिए मैदान में उतर सकते हैं।
बृजेश सिंह की संभावित एंट्री और निषाद पार्टी का रुख
पूर्वांचल के बाहुबली नेता बृजेश सिंह भी चुनावी चर्चा में हैं। एमएलसी रह चुके बृजेश और उनकी पत्नी अब सक्रिय राजनीति में हैं। हालिया मीडिया इंटरव्यू और बयानबाजी से उनके चुनावी कदमों पर अटकलें बढ़ गई हैं। संजय निषाद ने संकेत दिया है कि अगर भाजपा उन्हें चुनाव में नहीं उतारती, तो निषाद पार्टी उन्हें समर्थन दे सकती है। इस बयान के बाद यूपी के राजनीतिक परिदृश्य में नई हलचल पैदा हो गई है और दोनों बाहुबली नेताओं की संभावित एंट्री अब चर्चा का मुख्य विषय बन गई है।