अयोध्या में आज का दिन बेहद खास है क्योंकि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू राम मंदिर में महत्वपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हो रही हैं। दरअसल इस दौरान सभी पास अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं लेकिन आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की व्यवस्था अलग रास्ते से जारी रहेगी। बता दें कि राम मंदिर ट्रस्ट ने राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए खास प्लान बनाया है। रंगमहल बैरियर से प्रवेश केवल आमंत्रित मेहमानों के लिए रखा गया है।

वहीं आम लोगों को बिड़ला धर्मशाला के सामने स्थित रामानंदाचार्य द्वार से एंट्री दी जा रही है। दरअसल इस दौरान वासंतिक नवरात्र और हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी हो रही है जिससे श्रद्धालुओं की संख्या पहले से ज्यादा रहने की उम्मीद है। ऐसे में प्रशासन ने सुरक्षा के साथ-साथ दर्शन व्यवस्था को संतुलित रखने की कोशिश की है।

श्रीराम यंत्र स्थापना और विशेष पूजा

दरअसल राम मंदिर के दूसरे तल पर आज श्रीराम यंत्र और स्वर्ण अंकित श्रीराम नाम की रजत पट्टिका की स्थापना का मुख्य कार्यक्रम हो रहा है। इस अनुष्ठान में राष्ट्रपति मुर्मू शामिल होकर विधि-विधान से पूजा करेंगी। जानकारी के मुताबिक यह यंत्र पंचधातु से बना है और इसे विशेष धार्मिक प्रक्रिया के बाद यहां स्थापित किया गया है। वहीं राष्ट्रपति का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहेगा। वह एयरपोर्ट से सीधे मंदिर पहुंचेंगी और सप्त मंडपम में विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन करेंगी। इसके बाद रामलला के दर्शन और आरती में शामिल होंगी। मंदिर परिसर में लगे भित्ति चित्रों और धार्मिक संरचनाओं का भी अवलोकन करेंगी। कार्यक्रम के दौरान वह सभा को संबोधित भी कर सकती हैं।

आम श्रद्धालुओं के लिए क्या बदला?

दरअसल राष्ट्रपति के दौरे के बावजूद मंदिर ट्रस्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि आम श्रद्धालुओं को दर्शन में ज्यादा परेशानी न हो। सुरक्षा कारणों से सामान्य पास सिस्टम को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। इसकी जगह एक तय मार्ग से ही एंट्री दी जा रही है जिससे भीड़ को कंट्रोल किया जा सके। वहीं रामानंदाचार्य द्वार से दर्शन की व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि लाइन में लगकर श्रद्धालु आसानी से रामलला के दर्शन कर सकें। हालांकि VIP मूवमेंट के दौरान कुछ समय के लिए दर्शन में रुकावट आ सकती है, लेकिन ट्रस्ट का दावा है कि इसे कम से कम रखा जाएगा।