उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए प्राइवेट (व्यक्तिगत) और पत्राचार से परीक्षा देने वाले छात्रों के ऑनलाइन पंजीकरण और अग्रसारण (Forwarding) नियमों में बड़ा बदलाव किया है। परिषद ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) और संबंधित शिक्षा अधिकारियों को नई व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, यूपी बोर्ड ने सामान्य व्यक्तिगत (प्राइवेट) छात्रों के लिए पहले से तय अग्रसारण की 400 छात्रों की अधिकतम सीमा को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। पहले नियम था कि एक अग्रसारण केंद्र से सामान्य प्राइवेट श्रेणी के अधिकतम 400 इंटरमीडिएट छात्र ही आवेदन कर सकते थे, जिससे छात्रों को भटकना पड़ता था। हालांकि इंटरमीडिएट पत्राचार पंजीकरण वाले व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए अग्रसारण की अधिकतम सीमा पहले की तरह 800 ही बनी रहेगी।
नई नीति के तहत अब प्रत्येक निर्धारित अग्रसारण केंद्र से अधिकतम 500 हाईस्कूल (10वीं) और 700 इंटरमीडिएट (12वीं) के प्राइवेट छात्रों के आवेदन ही अग्रसारित किए जा सकेंगे। इस प्रकार एक केंद्र से दोनों कक्षाओं को मिलाकर कुल अधिकतम 1200 प्राइवेट परीक्षार्थी ही पंजीकृत हो सकेंगे। अपरिहार्य स्थिति में मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक की अनुमति से डीआइओएस हाईस्कूल के अधिकतम 650 व इंटरमीडिएट के अधिकतम 800 तक विद्यार्थियों के आवेदन अग्रसारित कर सकेंगे।
सभी राजकीय विद्यालयों और पर्याप्त शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ वाले चुनिंदा माध्यमिक स्कूलों को ही प्राइवेट छात्रों का फॉर्म आगे बढ़ाने के लिए अग्रसारण केंद्र बनाया जाएगा। जिन विद्यालयों में सामूहिक नकल या किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधियां दर्ज रही हैं, उन्हें अग्रसारण केंद्र की सूची से बाहर रखा गया है।
प्राइवेट छात्रों का पूरा पंजीकरण और अग्रसारण प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से संचालित होगी। प्रधानाचार्यों और अग्रसारण अधिकारियों को मूल दस्तावेजों की जांच व्यक्तिगत रूप से करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक छात्र से एक लिखित शपथ पत्र भी लिया जाएगा कि उसने किसी अन्य केंद्र या संस्था से आवेदन नहीं किया है।






