लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में वृद्धावस्था पेंशन की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का फैसला किया गया है। अब पात्र बुजुर्गों को पेंशन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे, बल्कि सरकार खुद उन तक पहुंचेगी और उनकी सहमति लेकर पेंशन शुरू करेगी।
यह पूरी व्यवस्था फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली पर आधारित होगी। इसके जरिए 60 साल की उम्र पूरी करने वाले नागरिकों की पहचान अपने आप हो जाएगी। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति प्रक्रिया की कॉम्प्लेक्सिटी के कारण पेंशन के लाभ से वंचित न रह जाए।
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कैसे काम करेगी नई व्यवस्था?
समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि नई प्रणाली पूरी तरह से ऑटोमेटेड और तकनीक आधारित होगी।
1. स्वतः पहचान: फैमिली आईडी डेटाबेस से उन सभी नागरिकों की सूची अपने आप तैयार हो जाएगी, जो अगले 90 दिनों में 60 वर्ष के होने वाले हैं।
2. विभाग को सूचना: यह सूची एक एपीआई (Application Programming Interface) के माध्यम से सीधे समाज कल्याण विभाग के पेंशन पोर्टल पर भेज दी जाएगी।
3. सहमति की प्रक्रिया: इसके बाद विभाग इन नागरिकों से संपर्क कर पेंशन के लिए उनकी सहमति लेगा। पहले एसएमएस, व्हाट्सऐप और फोन कॉल जैसे डिजिटल माध्यमों से संपर्क किया जाएगा। अगर डिजिटल तरीके से सहमति नहीं मिलती है, तो ग्राम पंचायत सहायक, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या विभाग के कर्मचारी खुद लाभार्थी के घर जाकर भौतिक रूप से सहमति लेंगे।
4. पेंशन की स्वीकृति: जैसे ही लाभार्थी की सहमति मिलेगी, योजना अधिकारी 15 दिनों के अंदर डिजिटल सिग्नेचर के जरिए पेंशन स्वीकृत कर देंगे। जिन लोगों से दोनों स्तरों पर संपर्क के बाद भी सहमति नहीं मिलेगी, उनके नाम प्रक्रिया से हटा दिए जाएंगे।
सीधे खाते में भुगतान, मोबाइल ऐप से मिलेगी जानकारी
नई व्यवस्था के तहत पेंशन की स्वीकृति का पत्र लाभार्थी को डाक के जरिए उसके पते पर भेजा जाएगा। पेंशन की राशि सीधे लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में जमा होगी। हर किस्त के भुगतान की जानकारी भी लाभार्थी को एसएमएस के जरिए दी जाएगी।
“फैमिली आईडी ‘एक परिवार-एक पहचान’ प्रणाली से पात्र लाभार्थियों का स्वतः चिन्हीकरण होगा और उनकी सहमति मिलने पर पेंशन सीधे स्वीकृत की जाएगी। बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो प्रक्रिया पूरी न कर पाने के कारण पेंशन से बाहर रह जाते हैं। नया फैसला इसी समस्या को हल करने पर केंद्रित है।” — असीम अरुण, समाज कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
सरकार लाभार्थियों की सुविधा के लिए एक मोबाइल ऐप भी विकसित कर रही है। इस ऐप में लाभार्थी अपनी पासबुक की तरह पेंशन भुगतान की पूरी डिटेल देख सकेंगे। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 67.50 लाख वरिष्ठ नागरिक इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इस नई पारदर्शी और आसान प्रक्रिया से लाखों और पात्र बुजुर्गों को योजना से जोड़ा जा सकेगा।