उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए काम की खबर है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं की खरीदी 30 मार्च 2026 से शुरू हो गई है जो 15 जून 2026 तक चलेगी।  इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल के मूल्य ₹2,425 की तुलना में ₹160 अधिक है।

राज्य सरकार द्वारा उतराई, छनाई और सफाई के मद में ₹20 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त भुगतान करने का भी निर्णय लिया है। गेहूं खरीदी के लिए प्रदेश में अबतक 3574 केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे । भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में आधार आधारित प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा।

अबतक 2 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन

गेहूं बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण या पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। अबतक 2 लाख 24 हजार से ज्यादा किसानों ने पंजीयन करवाया है। अगर किसी किसान ने पंजीयन या नवीनीकरण नहीं करवाया है  वे fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA पर जाकर अपडेट करा सकते हैं। गेहूं बिक्री के दौरान यदि कोई समस्या होती है तो किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर कॉल कर सकते हैं।

8 कंपनियों को सौंपा जिम्मा

गेहूं खरीदी के इन केंद्रों का संचालन 8 विभिन्न सरकारी एजेंसियां करेंगी, जिनमें खाद्य विभाग, नैफेड, एनसीसीएफ, पीसीएफ (PCF), PCU, यूपी मंडी परिषद, यूपीएसएस (UPSS), और भारतीय खाद्य निगम (FCI) मुख्य रूप से शामिल हैं। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे किसानों को त्वरित भुगतान की सुविधा मिलेगी। प्रदेश में खाद्य विभाग की विपणन शाखा सहित कुल 8 एजेंसियों द्वारा 75 जिलों में 6,500 क्रय केंद्र स्थापित होंगे। इस वर्ष गेहूं की फसल बंपर होने के चलते योगी सरकार ने 30 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है।