उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं खरीद की नीति को मंजूरी दे दी गई है। इस वर्ष गेहूं की फसल बंपर होने के चलते 30 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके अलावा योगी कैबिनेट की बैठक में 34 अहम प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई है, जिससे प्रदेश के विकास और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
30 मार्च से शुरु होगी खरीदी
कैबिनेट बैठक के फैसले के अनुसार, प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च 2026 से शुरू होगी और 15 जून 2026 तक जारी रहेगी। इसके लिए 75 जिलों में लगभग 6,500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: गेहूं बेचने के लिए किसानों को खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण या पुराने पंजीकरण का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,585 प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल के मूल्य ₹2,425 की तुलना में ₹160 अधिक है।
8 कंपनी को सौंपा जिम्मा
गेहूं खरीदी के इन केंद्रों का संचालन 8 विभिन्न सरकारी एजेंसियां करेंगी, जिनमें खाद्य विभाग, नैफेड, एनसीसीएफ, पीसीएफ (PCF), PCU, यूपी मंडी परिषद, यूपीएसएस (UPSS), और भारतीय खाद्य निगम (FCI) मुख्य रूप से शामिल हैं। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी, जिससे किसानों को त्वरित भुगतान की सुविधा मिलेगी।






