गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में भ्रमण के दौरान एक पांच साल की बच्ची ने बुलडोजर का खिलौना भेंट किया। कानपुर से आई यशस्विनी नाम की इस बालिका के द्वारा दिए गए इस अनोखे उपहार को देखकर वहां मौजूद सभी लोगों के चेहरे पर अचानक मुस्कान आ गई। यह घटना चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन हुई, जब मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने गृह क्षेत्र गोरखपुर में लगातार सक्रिय रहते हैं और गोरखनाथ मंदिर, जिसके वह पीठाधीश्वर हैं, उनके लिए आस्था का केंद्र होने के साथ-साथ एक महत्वपूर्ण कर्मभूमि भी है। शुक्रवार की सुबह भी मंदिर परिसर में भक्तों और स्थानीय लोगों की भीड़ लगी हुई थी। इसी दौरान भ्रमण करते हुए मुख्यमंत्री की नजर यशस्विनी पर पड़ी, जिसने अपने हाथों में एक खास उपहार थाम रखा था।
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बच्ची ने बताया सीएम को क्यों दिया यह खास खिलौना
यशस्विनी ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्होंने यह खिलौना खास तौर पर उनके लिए चुना है। बच्ची के मासूम चेहरे पर उत्साह साफ झलक रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुस्कराते हुए यशस्विनी से बातचीत की। बच्ची ने बाद में बताया, ‘मैंने उन्हें बुलडोजर दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि बुलडोजर से खेलो और अच्छे से पढ़ाई करो।’ यशस्विनी ने अपनी पसंद का कारण भी बताया, ‘मैंने उन्हें बुलडोजर इसलिए दिया क्योंकि यह उनका पसंदीदा है।’ मुख्यमंत्री ने बच्ची के इस प्रेम और समर्पण को सराहा और उसे आशीर्वाद दिया।
सीएम योगी ने गोरखनाथ मंदिर में किया कन्या पूजन
यह घटना चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन हुई, जो भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह दिन मां सिद्धिदात्री को समर्पित होता है और साथ ही भगवान श्री राम के जन्मोत्सव, राम नवमी के रूप में भी मनाया जाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस शुभ अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक विधि-विधान से कन्या पूजन किया। यह अनुष्ठान नवरात्रि के समापन का प्रतीक है, जिसमें नौ छोटी कन्याओं को देवी दुर्गा के नौ रूपों का साक्षात स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। उन्हें भोजन कराया जाता है, उपहार दिए जाते हैं और उनका आशीर्वाद लिया जाता है। यह पर्व नारी शक्ति के सम्मान और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का संदेश देता है।
इस पावन अवसर पर, मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी की। मंदिर का पूरा वातावरण जय माता दी और जय श्री राम के जयकारों से गूंज रहा था, जो भक्तों में असीम श्रद्धा और उत्साह का संचार कर रहा था। मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थित श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया और उन्हें पर्व की शुभकामनाएं दीं।
सीएम योगी ने बताया नवरात्रि के नौवें दिन का महत्व
राम नवमी के मौके पर सीएम योगी ने राज्य की जनता को हार्दिक शुभकामनाएं दीं और नवरात्रि के नौवें दिन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिन केवल पूजा-अर्चना का नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि और आध्यात्मिक उत्थान का भी अवसर है। सीएम योगी ने अपने बयान में कहा, ‘देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिनों के अनुष्ठान का समापन आज हो रहा है। नवरात्रि का नौवां दिन एक शुभ अवसर है जो सभी प्रकार की आध्यात्मिक उपलब्धियां प्रदान करता है, सुख-समृद्धि लाता है और समग्र कल्याण देता है। इस अवसर पर मैं राज्य की जनता को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। मैं नागरिकों को अपनी शुभकामनाएं देता हूं और प्रार्थना करता हूं कि मां दुर्गा की कृपा सदा उनके जीवन पर बनी रहे और उनका जीवन आनंद और समृद्धि से भरा रहे।’ मुख्यमंत्री ने मां दुर्गा से सभी के जीवन में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति की प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में भगवान श्री राम के आदर्शों को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘यह दिन भगवान श्री राम के पवित्र जन्मदिन यानी राम नवमी के रूप में भी मनाया जा रहा है। भगवान राम हर भारतीय के लिए प्रेरणा के अनंत स्रोत रहे हैं और भारत के सनातन धर्म की परंपरा में भारतीय जीवन शैली के सर्वोच्च आदर्श के रूप में खड़े हैं।’ सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि भगवान राम का जीवन हमें मर्यादा, त्याग, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता का पाठ पढ़ाता है। उनके आदर्शों का अनुसरण कर ही एक सुदृढ़ और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण संभव है।
UP में ‘बुलडोजर’ बना सख्त कानून व्यवस्था का प्रतीक
पिछले कुछ वर्षों से उत्तर प्रदेश में ‘बुलडोजर’ कानून व्यवस्था और प्रशासन की सख्ती का प्रतीक बन गया है। ऐसे में एक छोटी बच्ची द्वारा मुख्यमंत्री को बुलडोजर का खिलौना भेंट करना, न सिर्फ एक दिलचस्प पल था बल्कि यह उस प्रतीकवाद को भी दर्शाता है जो इस मशीन से जुड़ गया है। यह उपहार दर्शाता है कि किस तरह मुख्यमंत्री की कार्यशैली आम जनमानस, खासकर बच्चों के बीच भी अपनी एक पहचान बना चुकी है।
गोरखनाथ मंदिर परिसर में यह क्षण, जहां एक ओर भक्ति और आध्यात्मिक अनुष्ठान चल रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक मासूम बच्ची और मुख्यमंत्री के बीच की यह सहज बातचीत एक मानवीय स्पर्श लेकर आई। इस छोटी सी घटना ने राम नवमी के उल्लासपूर्ण माहौल में एक अनूठी और यादगार छाप छोड़ी, जो धार्मिक पर्व और व्यक्तिगत जुड़ाव का एक सुंदर संगम था। मुख्यमंत्री ने बच्ची को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।