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योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब मंत्री दे सकेंगे 50 करोड़ रुपये तक की मंजूरी, परियोजनाओं में आएगी तेजी

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए मंत्रियों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं। अब मंत्री 50 करोड़ और वित्त मंत्री 150 करोड़ तक की परियोजनाओं को मंजूरी दे सकेंगे। साथ ही, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को समय पर मानदेय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
योगी सरकार का बड़ा फैसला: अब मंत्री दे सकेंगे 50 करोड़ रुपये तक की मंजूरी, परियोजनाओं में आएगी तेजी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं को गति देने और फाइलों की आवाजाही कम करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मंत्रियों के वित्तीय अधिकार बढ़ा दिए हैं, जिसके तहत अब विभागीय मंत्री अपने स्तर पर ₹50 करोड़ तक की परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति दे सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य योजनाओं को समय पर पूरा करना और निर्णय प्रक्रिया को तेज बनाना है।

शुक्रवार को वित्त विभाग की एक विस्तृत समीक्षा बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया। नई व्यवस्था के तहत, विभागीय मंत्री ₹50 करोड़ तक, जबकि वित्त मंत्री ₹150 करोड़ तक की परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी दे पाएंगे। इससे अधिक लागत वाली सभी परियोजनाओं के लिए पहले की तरह मुख्यमंत्री की स्वीकृति अनिवार्य होगी।

समय पर काम पूरा करने की सख्त हिदायत

सीएम योगी ने सभी विभागों को 15 अप्रैल तक अपनी वार्षिक कार्ययोजना हर हाल में स्वीकृत कराने का सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो विभाग इस समय-सीमा का पालन नहीं करेंगे, उनकी सूची सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके अलावा, अगर किसी प्रोजेक्ट की मूल लागत में 15 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि होती है, तो संबंधित विभाग को इसका स्पष्ट कारण बताते हुए दोबारा अनुमोदन लेना होगा।

आशा-आंगनबाड़ी कर्मियों को समय पर मानदेय

बैठक में सीएम योगी ने जमीनी स्तर पर काम कर रहे कर्मचारियों के हितों को लेकर भी अहम निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों को हर महीने एक निर्धारित तारीख पर उनका मानदेय मिल जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार से मिलने वाले अंश का इंतजार नहीं किया जाएगा और राज्य सरकार अपने बजट से समय पर भुगतान सुनिश्चित करेगी।

यूपी के वित्तीय प्रबंधन को बनाएंगे आदर्श

मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश को एक सुदृढ़, पारदर्शी और परिणाम आधारित वित्तीय प्रबंधन का आदर्श राज्य बनाना है। उन्होंने सभी विभागों को कामों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया। सीएम ने केंद्र की तर्ज पर प्रदेश में भी ‘राज्य गारंटी पॉलिसी’ लागू करने के निर्देश दिए।

इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश ₹1.10 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित कर देश में शीर्ष पर रहा। राजकोषीय घाटा और जीएसडीपी अनुपात जैसे सभी वित्तीय संकेतक मानकों के अनुरूप हैं, जो राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाते हैं।