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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट में रसोई गैस आपूर्ति का लिया जायजा, संकट में एकजुटता की अपील की

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को देहरादून के गढ़ी कैंट क्षेत्र में एक रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण कर रसोई गैस की उपलब्धता का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने होटल संचालकों और आम लोगों से अपील की कि यदि भविष्य में कोई संकट आता है तो कोरोना काल की तरह एकजुटता दिखानी होगी।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गढ़ी कैंट में रसोई गैस आपूर्ति का लिया जायजा, संकट में एकजुटता की अपील की

देहरादून में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को जमीनी हकीकत जानने के लिए खुद सड़क पर उतर आए। उन्होंने गढ़ी कैंट स्थित एक रेस्टोरेंट में औचक निरीक्षण किया और रसोई गैस की आपूर्ति और खपत की स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने सीधे रेस्टोरेंट संचालक से बातचीत की। संचालक ने उन्हें बताया कि गैस की सप्लाई में थोड़ी कमी जरूर आई है, लेकिन अभी काम चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि गैस की खपत को कम करने के लिए वे पारंपरिक तंदूर का अधिक उपयोग कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने संचालक की इस पहल की सराहना की।

कोरोना काल जैसी एकजुटता की अपील

मुख्यमंत्री धामी ने होटल और रेस्टोरेंट संचालकों के साथ-साथ आम जनता से भी एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है, लेकिन अगर भविष्य में कोई चुनौती आती है तो हमें तैयार रहना होगा।

“जिस तरह कोरोना काल में देश ने एकजुटता का परिचय दिया था, उसी तरह के धैर्य का परिचय इस बार भी जरूरी है। यदि जरूरत पड़ी तो देश एकजुटता से इस चुनौती का सामना करेगा।”- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखंड

उन्होंने कहा कि अभी गैस का बहुत बड़ा संकट नहीं है, लेकिन हमें हर स्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए।

प्रशासन को वैकल्पिक ऊर्जा के प्रबंध के निर्देश

निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गैस के विकल्प के तौर पर वैकल्पिक ऊर्जा के स्रोतों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी प्रबंध किए जाएं।

सीएम धामी ने सुझाव दिया कि गैस की खपत कम करने के लिए इंडक्शन चूल्हे जैसे अन्य विकल्पों का इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार हर तरह से लोगों की मदद करने और किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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