मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा नगर में शनिवार शाम एक बड़ा हादसा हो गया। बस स्टैंड के पास स्थित तीन मंजिला अग्रवाल लॉज की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस घटना में दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मलबे में अभी भी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया है।
हादसा अनूपपुर के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 में हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम इमारत गिरने से पहले इलाके में अफरा-तफरी मच गई। यह अग्रवाल होटल की इमारत थी, जिसमें हादसे के वक्त कई लोगों के मौजूद होने की बात कही जा रही है। शुरुआती जानकारी में 5 से 6 लोगों के मलबे में दबे होने का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अब यह संख्या 4 से 5 के आसपास बताई जा रही है। मौके पर भारी भीड़ जमा है और बिल्डिंग गिरने का कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
ये भी पढ़ें
मौके पर युद्धस्तर पर बचाव कार्य, नई बिल्डिंग की खुदाई से नींव कमजोर होने का शक
हादसे की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस की टीमें फौरन मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान खुद बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ कोतमा तहसीलदार दशरथ सिंह, थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला और नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं। शहर और स्थानीय बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इन घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मलबे में फंसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने का काम तेजी से चल रहा है। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी भी घटनास्थल पर पहुंचकर बचाव कार्य में प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं।
दुर्घटना के कारणों को लेकर प्रारंभिक जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस इमारत का हिस्सा ढहा है, उसके ठीक पास नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा था। निर्माण के दौरान की गई अंडरग्राउंड खुदाई से पुरानी अग्रवाल लॉज की नींव कमजोर हो गई, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही हो सकेगी। जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाई जा सकती है।
घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घटनास्थल से दूरी बनाए रखें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की बाधा न आए और बचाव दल अपना काम बिना किसी रुकावट के कर सकें। फिलहाल, सभी की निगाहें मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने पर टिकी हैं और बचाव दल जी-जान से इस कार्य में जुटा है।