साल का आखिरी चंद्र ग्रहण श्रावण पूर्णिमा के दिन यानि 28 अगस्त 2026 को लगने जा रहा है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण होगा, जो शनि की राशि कुंभ और शतभिषा नक्षत्र में घटित होगा। भारतीय समय के अनुसार, ग्रहण की शुरुआत 28 अगस्त को सुबह 6 बजकर 53 मिनट पर होगी और इसका समापन दोपहर 12 बजकर 31 मिनट पर होगा। दिन का समय होने के कारण यह ग्रहण भारत में कहीं भी दिखाई नहीं देगा।
खास बात ये है कि इस दिन रक्षाबंधन ( सावन पूर्णिमा) का त्योहार भी है। ज्योतिष के मुताबिक, सालों बाद ऐसा संयोग बना है, ऐसे में इसे काफी अहम माना जा रहा है। हालांकि यह ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा,क्योंकि उस समय भारत में दिन होगा, इसलिए रक्षाबंधन के पर्व या राखी बांधने के समय पर इसका कोई धार्मिक प्रभाव (सूतक) नहीं पड़ेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां सूतक काल भी मान्य नहीं होता है, इसलिए इस दिन भारत में सामान्य पूजा-पाठ, सावन अमावस्या के अनुष्ठान और दैनिक कार्य यथावत जारी रहेंगे।
भारत को छोड़कर कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण
भारत में भले ही यह खगोलीय घटना दिखाई नहीं देगी, लेकिन दुनिया के कई हिस्सों से इसे देखा जा सकेगा। ग्रहण मुख्य रूप से उत्तर अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अटलांटिक महासागर और प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा। इसके अलावा यूरोप, अफ्रीका और मध्य पूर्व के कुछ हिस्सों में चंद्रमा अस्त होने के दौरान ग्रहण की कुछ अवस्थाएं दिखाई दे सकती हैं।
कब लगता है चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है। सूर्य की परिक्रमा करते हुए जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है और उसकी छाया चंद्रमा पर पड़ती है, तब चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। पूर्ण चंद्र ग्रहण में सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीध में होते हैं और चंद्रमा पृथ्वी की गहरी छाया में चला जाता है। वहीं आंशिक चंद्र ग्रहण में पृथ्वी की गहरी छाया चंद्रमा के केवल एक हिस्से पर पड़ती है। इस दौरान चंद्रमा का वह हिस्सा सामान्य से काफी गहरा दिखाई देता है, जबकि बाकी हिस्सा अपेक्षाकृत सामान्य नजर आता है।
अगस्त 2026 चंद्र ग्रहण का समय
- उपछाया से पहला स्पर्श (प्रारंभ): सुबह 06:55 बजे (IST)
- आंशिक ग्रहण का प्रारंभ: सुबह 08:04 बजे (IST)
- ग्रहण का उच्चतम बिंदु (पीक): सुबह 09:43 बजे (IST)
- आंशिक ग्रहण का चरण समाप्त: सुबह 11:21 बजे
- उपछाया चरण की समाप्ति: दोपहर 12:30 बजे (IST)
रक्षाबंधन 2026 का शुभ मुहूर्त ?
सावन पूर्णिमा 27 अगस्त 2026, गुरुवार, सुबह 9 बजकर 8 मिनट से शुरू होगी। इसका समापन 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को सुबह 9 बजकर 48 मिनट पर होगा। 28 अगस्त को राखी बांधने का शुभ समय सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। भद्रा का प्रभाव 27 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 8 मिनट से रात 9 बजकर 32 मिनट तक रहेगा, ऐसे में 28 अगस्त को बिना भद्रा के रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाएगा।






