ज्योतिष में ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का बड़ा महत्व माना जाता है। हर एक ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि बदलता है, जिससे शुभ योग-संयोग बनते हैं। इसी क्रम में नए साल के पहले महीने यानि जनवरी में देव गुरु बृहस्पति और मन के कारक चन्द्रमा मिलकर मिथुन राशि में गजकेसरी राजयोग बनाने जा रहे हैं। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वर्तमान में ज्ञान, बुद्धि, धर्म, भाग्य और संतान के कारक गुरु मिथुन राशि (बुध की राशि) में विराजमान है। 2 जनवरी 2026 (शुक्रवार) को चन्द्रमा (सबसे तेज चलने वाला ग्रह) भी मिथुन राशि में गोचर करेंगे, जिससे मिथुन राशि में गुरु चन्द्रमा की युति बनेगी और गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस योग को लाभकारी और बेहद शुभ माना गया है। वैसे तो इस राजयोग का सभी राशियों पर अलग अलग प्रभाव देखने को मिलेगा लेकिन इसके बनने से 3 राशियों का सुनहरा समय शुरू होने वाला है ।आइए जानते हैं इन भाग्यशाली राशियों के बारे में…

तुला राशि पर प्रभाव:

गजकेसरी राजयोग का बनना जातकों के लिए अनुकूल हो सकता है। किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। जीवन में खुशियों की दस्तक हो सकती है। करियर में कई नए अवसर मिल सकते हैं। बेरोजगार लोगों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। आय और आत्मविश्वास में वृद्धि के योग बनेंगे। निवेश के क्षेत्र में मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा को पदोन्नति व वेतनवृद्धि से जुड़ी कोई खबर मिल सकती है। इस अवधि में शुरू हुए काम में अपार सफलता प्राप्त हो सकती है।

मिथुन राशि पर प्रभाव:

गजकेसरी राजयोग का बनना जातकों के लिए शुभकारी रहने वाला है। परिवार के साथ भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा। नौकरीपेशा को सैलरी और पदोन्नति से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने के संकेत है। व्यापार में मुनाफा और नई डील मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मान-सम्मान की वृद्धि होगी। मार्केटिंग, मीडिया, बैंकिंग, गणित और शेयर बाजार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ हो सकता है। शिक्षक, राजनीति या फिर प्रशासन के क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। विवाह से संबंधित चर्चा हो सकती है। अध्यात्म की तरफ झुकाव बढ़ेगा। धार्मिक यात्राएं कर सकते हैं।

वृषभ राशि पर प्रभाव:

गजकेसरी राजयोग जातकों के लिए वरदान से कम साबित नहीं होगा। समाज में मान- सम्मान और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। वैवाहिक जीवन खुशहाल रहेगा। अविवाहितों के लिए विवाह के प्रस्ताव आ सकते है। लंबे समय से चली आ रही पुरानी बीमारी में मिल सकता है। परिवार में कोई शुभ या मांगलिक कार्य हो सकते हैं। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिलने के योग है। नौकरीपेशा जातकों के लिए समय बेहद उत्तम रहने वाला है। आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। निवेश से जुड़े फैसले लाभ दिला सकते है।

कब बनता है गजकेसरी राजयोग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को बहुत ही शुभ और लाभकारी माना जाता है। जब चन्द्रमा और बृहस्पति एक ही राशि में हों या एक-दूसरे से केंद्र भाव में स्थित हों, तो गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है। अगर किसी जातक की कुंडली के लग्न, चौथे और दसवें भाव में गुरु-चन्द्र साथ हो तो इस योग का निर्माण होता है। यदि चन्द्र या गुरु में से कोई भी एक दूसरे के साथ उच्च राशि में हों तो भी गजकेसरी योग बनता है। इस राजयोग के बनने से जातक को धन, सम्मान, तरक्की, जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता मिलती है।

(डिसक्लेमर : यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों और जानकारियों पर आधारित है, MP Breaking News किसी भी ज्योतिषीय दावे या भविष्यवाणी की पुष्टि नहीं करता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इसके सही और सिद्ध होने की प्रामाणिकता नहीं दे सकते हैं। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)