ज्योतिषशास्त्र में ग्रहों, नक्षत्रों और कुंडली का बड़ा महत्व होता है। हर एक ग्रह एक निश्चित समय अंतराल के बाद राशि बदलता है। वैदिक ज्योतिष में देवताओं के गुरु बृहस्पति की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। देवगुरु बृहस्पति 12-13 महीने में चाल बदलते हैं। वे कर्क राशि में उच्च और मकर राशि में नीच के होते हैं। गुरु ग्रह (बृहस्पति) धनु और मीन राशि के स्वामी हैं। ज्ञान, धर्म, और भाग्य के कारक माने जाने वाले गुरु वर्तमान में मिथुन राशि में विराजमान है और 2 जून 2026 (रात लगभग 2:25 बजे) को अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे और 31 अक्टूबर 2026 तक यही रहेंगे। इसके बाद सिंह राशि में गोचर करेंगे। वैसे तो गुरु के चाल बदलने से सभी राशियों के जातकों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ेगा, लेकिन 3 राशियों के लिए भाग्यशाली साबित हो सकता है। आइए जानते हैं इन राशियों के बारे में…
वृषभ राशि पर प्रभाव: गुरु का गोचर जातकों के लिए फलदायी साबित हो सकता है। साहस और पराक्रम में वृद्धि हो सकती है। धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे। व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। माता-पिता का सहयोग मिल सकता है। आर्थिक रुप से मजबूत हो सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।
वृश्चिक राशि पर प्रभाव: भाग्य और परिवार का साथ मिल सकता है। आकस्मिक धनलाभ के प्रबल योग हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ प्राप्त मिल सकता है। काम के सिलसिले में विदेश जाने का सपना पूरा हो सकता है। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे बेहतर हो सकती है। संतान की ओर से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
मीन राशि पर प्रभाव: गुरु का कर्क राशि में गोचर जातकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। करियर में जबरदस्त लाभ मिल सकता है। संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपत्तियों को शुभ समाचार मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में सफलता पा सकते है। प्रेम संबंध मजबूत हो सकते हैं। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है।
कर्क राशि का प्रभाव : गुरु का गोचर जातकों के लिए लकी साबित हो सकता हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के प्रबल योग हैं। इस अवधि में घर, संपत्ति या वाहन खरीद सकते हैं। समाज में मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। संतान की ओर से कोई शुभ समाचार मिल सकता है।आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो जाएगी।नौकरी में पदोन्नति के प्रबल संकेत हैं।
(डिस्क्लेमर: यह जानकारी सामान्य वैदिक ज्योतिष मान्यताओं/पंचांग-आधारित गोचर गणना पर तैयार की गई है। व्यक्ति-विशेष पर परिणाम जन्मकुंडली, लग्न और दशा पर निर्भर करते हैं। MP Breaking News किसी भी भविष्यवाणी/दावे की गारंटी नहीं देता है। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है। इन पर अमल लाने से पहले अपने ज्योतिषाचार्य या पंडित से संपर्क करें)






