लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, जनजातीय कार्य विभाग राजपुर जिला बडवानी में पदस्थ सहायक ग्रेड 3/ लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मण्डलोई को एक रिटायर्ड टीचर से 7000/- रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर से मिली जानकारी के मुताबिक बड़वानी जिले के ग्राम बकवाडी में रहने वाले सेवानिवृत्त उच्च श्रेणी शिक्षक बाबूलाल नरगावे ने एक शिकायती आवेदन उनके कार्यालय में दिया था , जिसमें उन्होंने जनजातीय कार्य विभाग राजपुर बड़वानी में कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी में पदस्थ सहायक ग्रेड 3/ लेखा शाखा प्रभारी प्रदीप मण्डलोई पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे।

रिटायर्ड टीचर ने बताया कि वो माध्यमिक विद्यालय देवला से उच्च श्रेणी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हैं, उनके पुत्र विशाल नरगावे की नियुक्ति प्राथमिक शिक्षक के पद पर शासकिय प्राथमिक विद्यालय केलवानी सेंधवा ब्लॉक में हुई थी और उनके पुत्र की मृत्यु के बाद उनकी पुत्रवधु को भृत्य के पद पर शा.उ.मा.वि. जुलवानिया में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त हुई थी।

भृत्य का वेतन निकलवाने मांगी घूस 

उन्होंने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जनजातीय कार्य विभाग राजपुर में उनकी बहू के जरूरी दस्तावेज भोपाल से जल्दी मंगाने और उसका वेतन निकलवाने का अनुरोध किया लेकिन वहां पदस्थ सहायक ग्रेड 3/ लेखा शाखा प्रभारी इस काम के एवज में उनसे 8,000/- रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं।

रिश्वत की राशि हाथ में आते ही पकड़ा गया 

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने इसका सत्यापन किया और शिकायत सही मिलने पर आज 6 अप्रैल को ट्रेपदल गठित कर बड़वानी भेजा, वहां आवेदक रिटायर्ड टीचर बाबूलाल नरगावे ने क्लर्क प्रदीप मण्डलोई ने लेखापाल/स्थापना कक्ष में 7,000/- रुपये की रिश्वत दी, रिश्वत राशि हाथ में आते ही बाहर छिपी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की जा रही है।