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पैथोलॉजी लैब में टेस्ट के लिए मरीज भेजने के बदले मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने तीन मेडिकल ऑफिसर रंगे हाथ पकड़े

Written by:Atul Saxena
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सत्यापन में शिकायत सही पाई गई और आरोपीगण कुछ कम राशि लेने पर सहमत हो गए। डॉ अमित शाक्य 8000/- रुपए, डॉ दिव्या सां 5000/- रुपए और डॉ मनोहर गोदारा 12000/- रुपये लेने पर सहमत हो गए जिन्हें रिश्वत लेते रंगे हाथ लोकायुक्त ने पकड़ लिया।
पैथोलॉजी लैब में टेस्ट के लिए मरीज भेजने के बदले मांगी रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने तीन मेडिकल ऑफिसर रंगे हाथ पकड़े

Three medical officers arrested taking bribe in Barwani

लोकायुक्त पुलिस इंदौर की टीम ने एक बार फिर घूसखोर को रंगे हाथ पकड़ा है, इस बार एक नहीं तीन शासकीय सेवक रिश्वत लेते पकड में आये हैं तीनों मेडिकल ऑफिसर हैं और एक ही सरकारी अस्पताल में पदस्थ हैं, पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इंदौर लोकायुक्त पुलिस कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक बड़वानी जिले में रहने वाले अदनान अली नामक एक पैथोलॉजी लैब के मैनेजर ने पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय को शिकायती आवेदन दिया था, आवेदन में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुर जिला बड़वानी में पदस्थ तीन मेडिकल ऑफिसरों पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये गए थे।

सरकारी डॉक्टरों में लैब मैनेजर से मांगी रिश्वत 

पैथोलॉजी लैब के मैनेजर ने कहा कि वो सेवा पैथोलॉजी लैब राजपुर में मैंनेजर है सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राजपुर में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. अमित शाक्य, डॉ. दिव्या सांई और डॉ. मनोहर गोदारा उससे उसकी लैब में मरीजों को जाँच के लिए भेजने के बदले 50 प्रतिशत मांग रहे हैं।

जाँच के लिए मरीज भेजने मांग रहे थे 50 प्रतिशत कमीशन 

पैथोलॉजी लैब के मैनेजर अदनान अली ने बताया कि अभी तक मरीजों को जांच के लिए उसकी लैब पर भेजने के एवज में लैब में तीनों डॉक्टर प्राप्त राशि की 20 प्रतिशत राशि कमीशन के रूप में ले रहे थे लेकिन अचानक तीनों ने एक राय होकर इसे बढाकर 50 प्रतिशत कर दिया।

तीनों मेडिकल ऑफिसर रिश्वत लेते गिरफ्तार 

शिकायत के बाद इसका सत्यापन कराया गया जो सही पाई गई और तीनों मेडिकल ऑफिसर 50 प्रतिशत से कम राशि लेने के लिए सहमत हो गए, रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि होने पर लोकायुक्त पुलिस इंदौर की एक टीम बड़वानी पहुंची यहाँ टीम ने डॉ. अमित शाक्य को 8,000/- रुपये, डॉ. दिव्या सांई को 5000/- रुपए और डॉ मनोहर गोदारा 12000/- रुपये रिश्वत लेते पकड़ लिया।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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