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पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने सीएम डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र, जब्त सरसों छोड़ने पर कलेक्टर की शिकायत की

Written by:Atul Saxena
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डॉ गोविन्द सिंह ने लिखा मिहोना तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए 250 बोरी सरसों जब्त की थी जो सोसायटियों को उपलब्ध कराये बारदाने में भरकर उत्तर प्रदेश से लाई गई थी और समर्थन मूल्य से 700 रुपये अधिक पर मछंड सोसायटी पर बेचीं जा रही थी मामला 18 अप्रैल का है, लेकिन कलेक्टर ने बिना इसकी जाँच किये पूरी सरसों सुपुर्दगी में दे दी ।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने सीएम डॉ मोहन यादव को लिखा पत्र, जब्त सरसों छोड़ने पर कलेक्टर की शिकायत की

Dr. Govind Singh wrote a letter to CM Dr. Mohan Yadav: पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविन्द सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को पत्र लिखकर एक बार फिर भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव की शिकायत की है, इस बार शिकायत रेत के अवैध उत्खनन को लेकर नहीं हैं बल्कि जब्त की गई सरसों की बिना जाँच के छोड़ने को लेकर है।

ब्लैकलिस्टेड सहाकरी समितियों को खरीदी केंद्र बनाये जाने के आरोप 

डॉ गोविन्द सिंह ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को आज एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उल्लेख किया कि मैंने आपको और मुख्य सचिव को भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव द्वारा ब्लैकलिस्टेड सहकारी संस्थाओं को समर्थन मूल्य पर गेहूं और सरसों खरीदी केंद्र बनाने की जानकारी दी थी फिर भी शासन ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया, इसका परिणाम ये निकला कि कलेक्टर ने खाद्यान्न माफिया से सांठगांठ ऐसी संस्थाओं और गोदामों को खरीदी केंद्र बनाया जहाँ माफिया आसानी से उत्तर प्रदेश से सरसों खरीदकर भिंड में बेच सकें।

गोविन्द सिंह का आरोप 250 बोरी जब्त सरसों बिना जाँच किये कलेक्टर ने छोड़ दी 

डॉ गोविन्द सिंह ने लिखा मिहोना तहसीलदार ने कार्रवाई करते हुए 250 बोरी सरसों जब्त की थी जो सोसायटियों को उपलब्ध कराये बारदाने में भरकर उत्तर प्रदेश से लाई गई थी और समर्थन मूल्य से 700 रुपये अधिक पर मछंड सोसायटी पर बेचीं जा रही थी मामला 18 अप्रैल का है, लेकिन कलेक्टर ने बिना इसकी जाँच किये पूरी सरसों सुपुर्दगी में दे दी, डॉ गोविन्द सिंह ने लिखा कि जिस किसान की ये सरसों बताई गई उसके पास गोदाम भी नहीं है।

डॉ गोविन्द सिंह ने उच्चस्तरीय जाँच की मांग की 

डॉ गोविन्द सिंह ने पत्र में लिखा कि जब खरीदी केंद्र पर 25 क्विंटल से ज्यादा खरीदी का प्रावधान नहीं है तो 125 क्विंटल (250 बोरी) शासन द्वारा दिए वारदाने में क्यों लाइ गई? इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जाँच होनी चाहिए साथ ही मेरे द्वारा पूर्व में भेजे गए पत्रों और उसमें दिए गए तथ्यों की भी जाँच होनी चाहिए, जिससे इस साजिश पर से पर्दा उठ सके।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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