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जमीन का नामांतरण करने के लिए पटवारी ले रहा था रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा, मामला दर्ज

Written by:Atul Saxena
Published:
पटवारी शिवचरण सिंह नरवरिया ने आवेदक पूरन सिंह गुर्जर को गोहद चौराहे पर रिश्वत देने के लिए बुलाया, लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर की टीम भी चौराहे पर छिप गई और जसी ही पटवारी ने रिश्वत ली टीम ने उसे पकड़ लिया।
जमीन का नामांतरण करने के लिए पटवारी ले रहा था रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथ दबोचा, मामला दर्ज

lokayukta police action

रिश्वतखोर अधिकारियों कर्मचारियों पर शासन की एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रहीं हैं उन्हें रंगे हाथ ब्दबोच रही हैं फिर भी उनकी आदतों में कोई सुधार नहीं हो रहा, रोज कोई न कोई घूसखोर लोकायुक्त के हत्थे चढ़ रहा है आज फिर एक पटवारी रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।

ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस एसपी राजेश मिश्रा से मिली जानकारी के मुताबिक भिंड जिले की गोहद तहसील के ग्राम एनो में रहने वाले पूरन सिंह गुर्जर ने एक शिकायती आवेदन कार्यालय में दिया था जिसमें हल्का पटवारी पर  रिश्वत मांगे जाने के आरोप थे।

इसलिए ले रहा था पटवारी रिश्वत 

आवेदक ने लिखा कि उसके ताऊ की डेढ़ बीघा जमीन का फौती नामान्तरण करने के बदले हल्का पटवारी शिवचरण सिंह नरवरिया 8000 रुपये की रिश्वत मांग रहा है, शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी ने जाँच के आदेश दिए, ग्वालियर टीम ने शिकायत का सत्यापन किया।

रिश्वत हाथ में आते ही पटवारी दबोचा 

सत्यापन के दौरान आवेदक से आरोपी द्वारा 8000 मांगे जाने की पुष्टि हो गई, प्रमाण हाथ आते ही ग्वालियर लोकायुक्त टीम ने ट्रैप प्लान कई और आज गोहद पहुंच गई, तय समय पर पटवारी शिवचरण सिंह नरवरिया गोहद चौराहे पर आया और उसे जैसे ही आवेदक पूरन सिंह गुर्जर ने रिश्वत की राशि की पहली कसित 3500 रुपये थी लोकायुक्त टीम ने उसे वहीं दबोच लिया।

हाथ धोते हो पानी हो गया गुलाबी 

लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने पटवारी शिवचरण की जेब से रिश्वत किराशी 3500 बरामद की और जब उसके हाथ धुलवाए तो पानी गुलाबी हो गया यानि नोट पर लगे पावडर ने अपना कमाल दिखा दिया था, पुलिस ने पटवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जाँच में ले लिया है।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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